पौड़ी , जून 26 -- उत्तराखंड में शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप विकास योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर संस्कृत शिक्षा, जनगणना एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग के सचिव दीपक कुमार ने शुक्रवार को विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक की। बैठक में कृषि, स्वास्थ्य, पर्यटन, आजीविका, मुख्यमंत्री घोषणाओं, साइबर सुरक्षा तथा विभिन्न विभागों की विकास योजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए।
सचिव ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचे, इसके लिए सभी विभाग समन्वित एवं परिणामोन्मुख कार्यशैली अपनाएं। उन्होंने सभी विभागीय कार्यालयों के नामपट्ट संस्कृत भाषा में भी अंकित कराने के निर्देश दिए। साथ ही जनता दरबार एवं चौपाल कार्यक्रमों के दौरान अधिकारियों को संबंधित क्षेत्रों में रात्रि विश्राम करने की सलाह देते हुए कहा कि इससे स्थानीय समस्याओं को बेहतर ढंग से समझकर उनका शीघ्र समाधान किया जा सकेगा। अधीनस्थ कार्यालयों के नियमित निरीक्षण पर भी उन्होंने विशेष बल दिया।
कृषि क्षेत्र की समीक्षा के दौरान सचिव ने कृषि, उद्यान, डेयरी, जलागम एवं मत्स्य विभागों के समन्वय से एकीकृत कृषि मॉडल विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जुलाई तक तीन विकासखंडों में मॉडल तैयार करने तथा सितंबर तक जनपद के सभी विकासखंडों में इसे लागू करने की कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा। इसके अलावा वन पंचायतों को घेरबाड़ जैसे कार्यों में सहभागी बनाने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री घोषणाओं एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए सचिव ने लंबित मामलों के नियमित अनुश्रवण तथा शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत जनपद के शीर्ष दस स्वयं सहायता समूहों की पहचान कर उत्कृष्ट कार्य करने वाले 'लखपति दीदी' समूहों को सम्मानित करने की बात कही।
पर्यटन विकास की समीक्षा में उन्होंने सतपुली झील परियोजना को शीघ्र पूर्ण कराने तथा स्यूंसी झील को भी पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के निर्देश दिए। पर्यटन, होमस्टे एवं होटल व्यवसाय से जुड़े लंबित सब्सिडी प्रकरणों का बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर एवं टीबी मुक्त अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसके साथ ही कीवी, सेब एवं ड्रैगन फ्रूट मिशन, मत्स्य, लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, शिक्षा, युवा कल्याण सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति का जायजा लेते हुए सचिव ने जनकल्याणकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए नवाचार अपनाने पर बल दिया।
साइबर अपराधों की रोकथाम को लेकर सचिव ने सभी विभागों के अधिकारियों के प्रशिक्षण, विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही नशीली दवाओं की अवैध बिक्री पर कड़ी कार्रवाई और अन्य राज्यों से होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए बस अड्डों एवं रेलवे स्टेशनों पर नियमित निगरानी और सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
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