सक्ती , मई 30 -- छत्तीसगढ़ में सक्ती जिले के डभरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम निमोही-उच्चपिंडा क्षेत्र में स्थित आरकेएम पावरजेन संयंत्र पर कोयला परिवहन के लिए रेलवे ट्रैक निर्माण के दौरान एक तालाब को मिट्टी डालकर पाटने का आरोप लगा है। शिकायत के बाद कलेक्टर ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उच्चपिंडा स्थित आरकेएम पावरजेन प्लांट द्वारा कोयला परिवहन के लिए रेलवे ट्रैक का निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीणों और प्रभावित किसानों का आरोप है कि इसके लिए ग्राम निमोही स्थित लोहार तालाब को रात के समय मिट्टी डालकर पाटा जा रहा है। बताया गया है कि तालाब का आधे से अधिक हिस्सा मिट्टी से भर दिया गया है तथा पंप के माध्यम से उसका पानी भी निकाल लिया गया है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि संबंधित भूमि पूर्व में निजी स्वामित्व में रही हो सकती है, लेकिन वर्तमान राजस्व अभिलेखों में यह तालाब के रूप में दर्ज है। ग्रामीणों के अनुसार उक्त तालाब का उपयोग पशुओं के पेयजल एवं निस्तारी कार्यों के लिए किया जाता रहा है। भीषण गर्मी के दौरान भी तालाब में पर्याप्त जल उपलब्ध रहता था।
किसानों ने आरोप लगाया है कि रेलवे ट्रैक निर्माण के लिए तालाब को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों और मवेशियों के लिए जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। मामले की शिकायत जिला प्रशासन से की गई है।
वहीं, शिकायत कलेक्टर के संज्ञान में आने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही तालाब की भूमि की स्थिति एवं निर्माण कार्य की वैधानिकता को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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