हुबली , फरवरी 27 -- अपनी शानदार गेंदबाजी से जम्मू -कश्मीर को पहले रणजी खिताब के करीब पहुंचा चुके तेज गेंदबाज आक़िब नबी ने कहा कि "नतीजों के बारे में सोचने के बजाय सकारात्मक सोच बनाए रखने" से उन्हें एक और शानदार रणजी ट्रॉफ़ी सीजन खेलने में सफलता मिली है।

नबी ने रणजी ट्रॉफी फ़ाइनल के तीसरे दिन कर्नाटक के ख़िलाफ तीन विकेट लिए और चौथे दिन उसे पंजे में बदला। इससे जम्मू और कश्मीर ने इस मैच में पहली पारी की बढ़त सुनिश्चित की और उसका पहला रणजी खिताब जीतना भी तय हो गया है।

प्रथम श्रेणी क्रिकेट में नबी का स्वप्निल प्रदर्शन का सिलसिला जारी रहा। पिछले दो सीजन में उनके नाम 13.58 की औसत से 108 विकेट हैं। इनमें से 60 विकेट मौज़ूदा रणजी सीजन में आए हैं, जो इस सीजन संयुक्त रूप से सर्वाधिक है।

उन्होंने हुबली में कर्नाटक के ख़िलाफ तीसरे दिन का खेल ख़त्म होने के बाद कहा, "मैंने अपनी स्किल्स पर कोचों के साथ और नेट्स में ख़ुद भी काफी मेहनत की है। मैंने नतीजों के बारे में सोचने की बजाय सकारात्मक सोच रखी। इससे मुझे काफ़ी मदद मिली।"फ़ाइनल से पहले जम्मू और कश्मीर की गेंदबाज़ी इकाई को लेकर चर्चा थी, जिसकी अगुआई नबी कर रहे हैं। इस गेंदबाज़ी क्रम में में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज़ सुनील कुमार और बाएं हाथ के स्पिनर आबिद मुश्ताक़ भी शामिल हैं। उनका सामना कर्नाटक के अनुभवी बल्लेबाज़ी क्रम से था, जिसमें केएल राहुल, मयंक अग्रवाल, करुण नायर, देवदत्त पडिक्कल और इस सीजन के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ आर स्मरण शामिल थे।

नबी ने राहुल और नायर को बेहतरीन गेंदों पर आउट कर कर्नाटक का स्कोर 57 रन पर 3 विकेट कर दिया। इसके बाद उन्होंने स्मरण को गोल्डन डक पर आउट कर कर्नाटक टीम को बैकफ़ुट पर भेज दिया। मैच के चौथे दिन 160 रन बनाकर खेल रहे मयंक अग्रवाल को पगबाधा करा उन्होंने कर्नाटक की टीम की वापसी की किसी भी संभावना को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

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