रियाद/सना , जुलाई 27 -- यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच एक-दूसरे पर किये गये हमलों के बाद रविवार को बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की संख्या कई महीनों के निचले स्तर पर पहुंच गयी है।
यह जानकारी शिपिंग डेटा देने वाली कंपनी 'केपलर' ने दी है।
लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ने वाला बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य दुनिया का बेहद महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है। दुनिया के कुल तेल और गैस आपूर्ति का लगभग 10 प्रतिशत इसी रास्ते से होकर गुजरता है। जब से ईरान ने होर्मुज वाले रास्ते को रोका है, तब से इस रास्ते की अहमियत और ज्यादा बढ़ गयी है। केपलर के आंकड़ों के अनुसार, रविवार को बाब अल-मंदेब के रास्ते केवल 11 व्यापारिक जहाज ही गुजर पाए। यह पिछले कई महीनों में एक दिन में यहां से गुजरने वाले जहाजों की सबसे कम संख्या है।
जहाजों की संख्या में यह कमी शनिवार को लाल सागर तट पर स्थित सऊदी तेल ठिकानों पर हुए हूती हमलों के बाद आई है। हूती समूह ने कहा है कि सऊदी अरब के बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रहेगी। उन्होंने इन हमलों को यमन में हूती ठिकानों पर हाल ही में हुए सऊदी हमलों का जवाब बताया है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि पिछले हफ्ते बाब अल-मंदेब के रास्ते जहाजों की आवाजाही बढ़ गयी थी। ऐसा इसलिए हुआ था क्योंकि क्षेत्रीय तनाव के कारण होर्मुज लगभग बंद पड़ा था और शिपिंग कंपनियां तेल तथा गैस ले जाने के लिए दूसरे रास्ते की तलाश में थीं।
इन दोनों महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों पर सुरक्षा संबंधी तनाव के कारण दुनिया भर में आपूर्ति रुकने लगी, जिससे पिछले हफ्ते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ गईं। हालांकि, अमेरिका और ईरान द्वारा सैन्य कार्रवाइयां रोकने के बाद सप्ताहांत में तेल की कीमतें थोड़ी नीचे आई हैं, लेकिन बातचीत से कोई पक्का रास्ता न निकल पाने के कारण दुनिया भर के ऊर्जा बाजार में अब भी अनिश्चितता बनी हुई है।
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