अजमेर , जून 21 -- राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा है कि संगीत मानव जीवन को संवेदनशील, सकारात्मक एवं संस्कारित बनाने का सशक्त माध्यम तथा संस्कृति और संवेदनाओं का सेतु है।
श्री देवनानी रविवार को विश्व संगीत दिवस के अवसर पर यहां आयोजित संगीत संध्या 'स्वरांजलि' कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी।उन्होंने कहा कि संगीत मनुष्य को मनुष्य से जोड़ने के साथ-साथ समाज में सौहार्द, शांति और भाईचारे की भावना को भी मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि भारतीय संगीत परंपरा हमारी अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है, जिसने सदियों से समाज को आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों से समृद्ध किया है।
उन्होंने कहा कि संगीत मनोरंजन का साधन ही नहीं आत्मिक शांति, मानसिक संतुलन और रचनात्मक ऊर्जा का स्रोत भी है। भारतीय शास्त्रीय, लोक एवं भक्ति संगीत ने विश्वभर में भारत की सांस्कृतिक पहचान को गौरवान्वित किया है। विश्व संगीत दिवस जैसे अवसर हमें अपनी समृद्ध संगीत परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के प्रति जागरूक करते हैं।
श्री देवनानी ने युवा पीढ़ी से भारतीय संगीत और लोक कलाओं से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के साथ-साथ समाज में सांस्कृतिक ऊर्जा के प्रसार का कार्य भी करते हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित