जयपुर , जुलाई 10 -- राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने संस्कारवान समाज ही विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा है कि बदलती हुई परिस्थितियों में समाज एवं राष्ट्र में संस्कारों का वातावरण बनाना आवश्यक हो गया है।

श्री देवनानी शुक्रवार को यहां राजापार्क स्थित आदर्श विद्या मंदिर में भारत विकास परिषद के स्थापना दिवस समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा है कि सेवा, संस्कार और सामाजिक समरसता के माध्यम से परिषद ने राष्ट्र निर्माण में अपनी विशिष्ट भूमिका निभायी है।

उन्होंने कहा कि गत दिनों एक पुत्री द्वारा धन के लिए अपनी मां की हत्या कर देने वाले समाचार ने समाज को झकझोर दिया है। भारतीय समाज के लिए यह बहुत चिंताजनक है। ऐसी घटनाएं भारतीय संस्कृति में नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा कि बदलती हुई परिस्थितियों में समाज एवं राष्ट्र में संस्कारों का वातावरण बनाना आवश्यक हो गया है।

उन्होंने कहा कि आज जरूरत है कि पूरा परिवार एक साथ बैठकर एक समय का भोजन अवश्य करें। आपस में चर्चा करें। घर-घर में रामायण का अध्ययन किया जाना भी आज की आवश्यकता है। श्री देवनानी ने कहा कि सनातन संस्कृति और विदेशी संस्कृति की लडाई भविष्य में होगी। हमें हमारे परिवारों में भारतीय सनातन संस्कारों का वातावरण बनाना होगा।

श्री देवनानी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा विकसित भारत 2047 का लक्ष्य आर्थिक प्रगति का संकल्प नहीं है यह एक ऐसे भारत के निर्माण का राष्ट्रीय अभियान है, जिसकी शक्ति संस्कारवान युवा, शिक्षित समाज, सशक्त नारी, जागरूक नागरिक और सेवा भाव से जुड़े संगठन होंगे। भारत विकास परिषद जैसे संगठन इस संकल्प के महत्वपूर्ण सहभागी हैं। उन्होंने कहा कि अंतिम छोर के व्यक्ति को सुखद अनुभूति होने पर ही भारत विकसित होगा। हम सभी को अपने कार्य की गति को बढ़ाना होगा।

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