प्रयागराज , अप्रैल 18 -- भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्हें महिला आरक्षण का विरोधी बताया है।
उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों का रवैया हमेशा से महिला विरोधी रहा है। पहले लोकसभा में मुलायम सिंह यादव, लालू प्रसाद यादव और शरद यादव की त्रिमूर्ति महिला आरक्षण का विरोध करती थी, जबकि कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर कभी सार्थक समर्थन नहीं दिया।
श्री सिंह ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम किसी एक दल का विधेयक नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी यानी महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई है। विपक्षी दलों ने महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने से रोका। उन्होंने आरोप लगाया कि इस विषय पर सबसे अधिक आपत्तिजनक टिप्पणियां राहुल गांधी और अखिलेश यादव की ओर से की गईं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव होने हैं और प्रदेश की महिलाएं कांग्रेस तथा समाजवादी पार्टी को इसका जवाब देंगी। राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता के मुद्दे पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ द्वारा मुकदमा दर्ज करने के आदेश के संदर्भ में श्री सिंह ने कहा कि यह गंभीर और संवेदनशील विषय है। अदालत के आदेश के बाद अब प्राथमिकी दर्ज होगी और राहुल गांधी को यह बताना होगा कि उन्होंने अपनी ब्रिटिश नागरिकता की बात क्यों छिपाई।
उन्होंने कहा कि यदि दोहरी नागरिकता से संबंधित कानून देश के आम नागरिकों पर लागू होते हैं तो वही कानून राहुल गांधी पर भी लागू होना चाहिए। इस मामले में उन्हें अदालत के समक्ष जवाब देना होगा।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के संबंध में श्री सिंह ने दावा किया कि वहां भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की जमीन खिसक चुकी है और उनकी प्रतिक्रियाएं घबराहट का परिणाम हैं।
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