बीकानेर , अगस्त 15 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 44 राज्य को सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्देश देता है और हमारी सरकार इसी संवैधानिक भावना के अनुरूप राजस्थान सिविल संहिता-2026 लाने की दिशा में काम कर रही है।
श्री शर्मा शनिवार को बीकानेर के डॉ. करणी सिंह स्टेडियम में 80वें स्वतंत्रता दिवस राज्य स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण के बाद प्रदेशवासियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून सुनिश्चित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शांति और सुरक्षा का वातावरण निर्माण करने के लिए राज्य सरकार ने कई बड़े और कड़े कदम उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में जबरन पलायन और संपत्तियों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए राजस्थान अशांत क्षेत्र कानून लाया गया। इससे लोगों को अपने घर, अपनी पुश्तैनी जमीन और अपनी पहचान छोड़ने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। प्रलोभन अथवा कपटपूर्वक धर्मान्तरण के प्रयासों को रोकने के लिए विधि-विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध कानून बनाया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपराध और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है, जिससे अपराध घट रहे हैं और प्रदेश में अमन और चैन का वातावरण बना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की प्रतिष्ठा विश्वपटल पर नई ऊंचाइयों को छू रही है, यही कारण है कि आज पूरी दुनिया भारत की ओर आशा और विश्वास से देख रही है। भारत का डिजिटल मॉडल दुनिया के लिए उदाहरण बन रहा है और यूपीआई सहित डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर की वैश्विक स्तर पर चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत-विकसित राजस्थान के संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। डबल इंजन सरकार के प्रयासों से राजस्थान में विकास की गति तेज हुई है। पचपदरा में 79 हजार 459 करोड़ रुपये की लागत से एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी परियोजना का शुभारंभ हुआ है, वहीं माही-बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा परियोजना का शिलान्यास भी प्रधानमंत्री के कर कमलों द्वारा हुआ है। ये परियोजनाएं राजस्थान के विकास का नया इंजन बनेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान के लिए पानी केवल संसाधन ही नहीं जीवन, अर्थव्यवस्था और भविष्य का आधार है। सरकार प्रदेश में जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्राथमिकता से कार्य कर रही है। राम जल सेतु लिंक परियोजना को तेजी से मूर्त रूप दिया जा रहा है। करीब 91 हजार करोड़ रुपये की इस परियोजना में अब तक 26 हजार करोड़ रुपये के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। इस परियोजना से प्रदेश के 17 जिलों की आबादी को पेयजल और सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि यमुना जल को राजस्थान तक लाने के लिए लगभग 34 हजार करोड़ रुपये की परियोजना का एमओए हो चुका है। इससे शेखावाटी क्षेत्र के करीब 75 लाख लोगों को स्थायी पेयजल सुरक्षा मिलेगी।
श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान अब बिजली खरीदने वाले राज्य से बिजली प्रदाता राज्य की दिशा में आगे बढ़ चुका है। राजस्थान सौर ऊर्जा क्षमता में देश में प्रथम और अक्षय ऊर्जा क्षमता में दूसरे स्थान पर है। कुसुम कंपोनेंट-ए और सी में भी राजस्थान देश में प्रथम है। 26 जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार ने विद्युत क्षेत्र में 2 हजार 700 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज भार भी कम किया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित