जयपुर , अप्रैल 15 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य में स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव न होना संविधान के टूटने जैसा बताते हुए कहा है कि संविधान की मूल भावना को चोट कर रही राज्य सरकार को बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए।
श्री गहलोत ने बुधवार को यहां जयपुर हवाई अड्डे पर मीडिया से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा कि इसमें राज्यपाल और राष्ट्रपति को हस्तक्षेप करना चाहिए। जिस प्रकार से कानून का उल्लंघन किया जा रहा है, यह सरकार कैसे रह सकती है।
उन्होंने कहा "संविधान की मूल भावना को चोट की जा रही हैं तो यह संविधान के टूटने की तरह है। इस सरकार को बर्खास्त करना चाहिए। अब बर्खास्त कौन करे, बर्खास्त करने वाले इनके पार्टनर हैं, डबल इंजन जो ये कहते हैं, एक बड़ा इंजन दिल्ली के अंदर है और वही बर्खास्त कर सकता है। ये उनके चहेते हैं तो इन लोगों को क्या बर्खास्त करेंगे।"श्री गहलोत ने कहा "यह बर्खास्त करने लायक मामला है। उच्चत्तम न्ययालय कह चुका है, उच्च न्यायालय कह चुका है, जब उनकी बात नहीं मानी गई है, इससे बड़ा कांस्टीट्यूशनल ब्रेकडाउन क्या होगा। मेरा यह मानना है।"उन्होंने कहा "दुर्भाग्य से न राज्यपाल कुछ बोल पा रहे हैं, ना केन्द्र सरकार कुछ बोल पा रही है। इसलिए मैंने कल कहा था कि राष्ट्रपति को आगे आना चाहिए, राज्यपाल को बात करनी चाहिए कि चुनाव टाइम पर हो, किसी ढंग से हो।" उन्होंने कहा कि इतने घबराए हुए हैं ये लोग चुनाव से, पता नहीं साफ हो जाएंगे, इसलिए चुनाव नहीं करवा रहे हैं।
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