ढाका , सितंबर 05 -- बंगलादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के आगामी संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) सत्र से पहले भारत दौरे पर आने की कोई संभावना नहीं है।
विदेश मामलों के राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि श्री रहमान के भारत दौरे को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन अभी तारीख तय नहीं हुई है।
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री की भारत यात्रा को लेकर बातचीत जारी है। अभी तारीख तय नहीं हुई है। संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र से पहले प्रधानमंत्री के भारत जाने की कोई संभावना नहीं है।"श्री रहमान के पिछले महीने भारत दौरे की योजना थी और तारीख लगभग तय हो गयी थी, हालांकि पांच अगस्त को नयी दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के आभासी संवाद कार्यक्रम पर बंगलादेश सरकार की आपत्ति के बाद यह यात्रा रद्द कर दी गयी। बंगलादेश की सत्तारूढ़ बंगलादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने कहा है कि श्री रहमान की भारत यात्रा भारत सरकार द्वारा हसीना को बंगलादेश प्रत्यर्पित किए जाने की प्रक्रिया तेज करने पर निर्भर करेगी, ताकि वह देश के तथाकथित अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण में लगाये गये आरोपों का सामना कर सकें।
श्रीमती हसीना पांच अगस्त 2024 को अपनी अवामी लीग सरकार के खिलाफ हुए आंदोलन के बाद देश छोड़कर भारत चली आयी थीं और तब से भारत में निर्वासन में रह रही हैं।
भारत के साथ संबंधों पर श्री कबीर ने कहा कि दोनों देशों के बीच हजारों मुद्दे हैं, लेकिन बातचीत के लिए दरवाजा खुला है। उन्होंने कहा, "पड़ोसी होने के नाते भारत के साथ अच्छे संबंध होने चाहिए।" उन्होंने कहा कि श्री रहमान संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में "नये बंगलादेश" की प्रगति का संदेश लेकर हिस्सा लेंगे और इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अलग से मुलाकात भी कर सकते हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासभा का 81वां सत्र आठ सितंबर को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में शुरू होना निर्धारित है। बंगलादेश के ऊर्जा क्षेत्र पर राज्य मंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र दिखाता है कि "मनोरोगी स्तर का भ्रष्टाचार" किस तरह किया जा सकता है। उन्होंने बंगलादेश के मक्का समझौते में शामिल होने के फैसले का भी बचाव किया और कहा कि इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है।
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