खगड़िया , अगस्त 25 -- ंभावित बाढ़ एवं सुखाड़ 2026 की पूर्व तैयारी को लेकर खगड़िया के जिलाधिकारी विक्रम विरकर की अध्यक्षता में समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति से निपटने के लिए की जा रही तैयारियों की विभागवार समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव कार्य, नाव एवं परिवहन की उपलब्धता, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की पहचान, तटबंधों की सुरक्षा, संचार व्यवस्था, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य सुविधाओं, पशु चिकित्सा एवं पशुचारा, खाद्यान्न एवं आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

तटबंधों की सुरक्षा को लेकर जिलाधिकारी ने बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के सभी कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया कि वे स्वयं तटबंध की पूरी लंबाई का स्थलीय निरीक्षण एवं जांच करेंगे तथा तटबंधों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखेंगे। उन्होंने संवेदनशील एवं क्षतिग्रस्त स्थलों की पहचान कर आवश्यक मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण की कार्रवाई समय रहते सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने तटबंधों को नुकसान पहुंचाने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि तटबंध काटने अथवा किसी भी प्रकार से तटबंध को क्षतिग्रस्त करने का प्रयास करने वाले असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए बॉन्ड डाउन की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

नाव परिचालन की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि जिले में वर्तमान में 11 स्थानों पर नावों का परिचालन किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि अन्य आवश्यक स्थलों का आकलन कर आवश्यकतानुसार नावों के परिचालन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा इसका प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाए।उन्होंने संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए आवश्यक स्थानों पर नावों की उपलब्धता एवं परिचालन की पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को संभावित आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक संसाधनों को दुरुस्त रखने तथा विभागीय कार्ययोजना को अद्यतन रखने का निर्देश दिया। उन्होंने संवेदनशील एवं संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने तथा आवश्यकतानुसार राहत एवं बचाव कार्य के लिए पूर्व से समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया।

बैठक में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही संभावित सुखाड़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए पेयजल, सिंचाई एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा की स्थिति उत्पन्न होने से पूर्व की गई बेहतर तैयारी ही जान-माल की क्षति को न्यूनतम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को सतर्क, तत्पर एवं समन्वित रूप से कार्य करने का निर्देश दिया।

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