रायपुर / नयी दिल्ली , अक्टूबर 26 -- बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के मद्देनजर केंद्र सरकार ने राज्यों को व्यापक एहतियाती उपाय करने और आपदा प्रबंधन की तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

केंद्रीय कैबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी से सभी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक कर संभावित चक्रवात से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की।

बैठक में छत्तीसगढ़ की ओर से मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ ने राज्य में आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव कार्यों के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी दी।

श्री पिंगुआ ने बताया कि 28 अक्टूबर को दक्षिण बस्तर क्षेत्र में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की सात टीमें आवश्यक उपकरणों के साथ तैयार हैं। इसके अतिरिक्त होमगार्ड और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमों को भी आपात परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार रखा गया है।

उन्होंने बताया कि संभावित प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविरों, स्वास्थ्य सेवाओं, खाद्य सामग्री, परिवहन और संचार सुविधाओं की आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। परिस्थितियों के अनुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा राहत शिविर संचालित करने की तैयारी भी सुनिश्चित की गई है। राज्य सरकार का विशेष ध्यान जनहानि रोकने और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने पर है।

बैठक के दौरान डॉ. सोमनाथन ने सभी राज्यों को चक्रवात के दौरान शून्य जनहानि के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने तेज हवाओं और बारिश के कारण पेड़ों के गिरने, दीवारों के ढहने तथा आवागमन के दौरान संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया।

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