पटना , सितंबर 11 -- टना नगर निगम की ओर से राजस्व संग्रहण को बढ़ावा देने और अधिक से अधिक संपत्तियों को संपत्ति कर के दायरे में लाने के उद्देश्य से 'संपत्ति कर संवर्धन अभियान' की शुरुआत की गई है। नगर आयुक्त यशपाल मीणा के निर्देश पर शुक्रवार को अभियान के पहले दिन सभी छह अंचलों में व्यापक स्तर पर कार्रवाई की गई।
अभियान के तहत कर के दायरे से बाहर रह गई संपत्तियों का नया कर निर्धारण, बकायेदारों से कर की वसूली तथा पूर्व से कर के दायरे में शामिल संपत्तियों के पुनर्मूल्यांकन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके लिए सभी अंचलों में वरीय पदाधिकारियों के नेतृत्व में कार्यपालक पदाधिकारी, राजस्व पदाधिकारी एवं टैक्स कलेक्टरों के साथ बैठक कर तीन स्तर पर विशेष टीमों का गठन किया गया है। प्रत्येक टीम एवं कर्मी को प्रतिदिन के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अभियान के पहले दिन सभी अंचलों में कुल 108 ऐसी संपत्तियों का कर निर्धारण किया गया, जो अब तक संपत्ति कर के दायरे से बाहर थीं। इसके अतिरिक्त 35 संपत्तियों का पुनर्मूल्यांकन किया गया। टीमों द्वारा व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, अपार्टमेंट एवं अन्य कर योग्य संपत्तियों का स्थल निरीक्षण करते हुए संपत्ति कर का आकलन किया गया तथा संबंधित संपत्तिधारकों को निर्धारित समय पर संपत्ति कर का भुगतान करने के लिए प्रेरित किया गया।
अभियान के पहले ही दिन पटना नगर निगम को कुल 27.90 लाख रुपये का संपत्ति कर प्राप्त हुआ, जो राजस्व संवर्धन की दिशा में अभियान की प्रभावी शुरुआत को दर्शाता है।
पटना नगर निगम का लक्ष्य है कि संपत्ति कर के दायरे का विस्तार करने के साथ-साथ करदाताओं को समय पर भुगतान के लिए प्रोत्साहित किया जाए और निगम के राजस्व संग्रहण को अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाया जाए। अभियान को आगामी दिनों में भी निरंतर जारी रखा जाएगा।
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