चंडीगढ़ , मार्च 11 -- पूर्व शिक्षा मंत्री एवं विधायक परगट सिंह ने बुधवार को आरोप लगाते हुए कहा कि श्री सुखपाल सिंह खैरा के मामले में विधानसभामें निंदा प्रस्ताव को अनुमति दी गयी, लेकिन मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के खिलाफ इसी तरह के प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया।
श्री सिंह ने यहां एक बयान में इस मामले में अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां को एक निष्पक्ष मिसाल कायम करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणी की है और उन्हें पंजाब की महिलाओं से तुरंत माफी मांगनी चाहिए।
श्री सिंह ने कहा कि जहां पंजाब की महिलाएं अभी भी अपने वादे के अनुसार 1000-1500 रुपये मासिक वजीफे (स्टाइपेंड) का इंतजार कर रही हैं, वहींआम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने राज्य का खजाना गुजरात के लिए खोल दिया है। उन्होंने बताया कि गुजरात के अखबारों में महिलाओं कोदी जाने वाली वित्तीय सहायता के संबंध में पूरे पेज के विज्ञापन प्रकाशित किये जा रहे हैं, जो यह साबित करता है कि यह सरकार केवल 'ब्रांडिंग' पर केंद्रित है। श्री सिंह ने जोर दिया कि पंजाब पर 4.17 लाख करोड़ रुपये का भारी कर्ज होने के बावजूद, आप सरकार अन्य राज्यों में प्रचार पर करोड़ों रुपये बर्बाद कर रही है।
नशीले पदार्थ के संकट पर बात करते हुए, श्री सिंह ने दावा किया कि 'आप' की 'नशे के खिलाफ जंग' को भीतर से ही कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने इस रिपोर्ट पर गहरी चिंता व्यक्त की कि 'आप' का एक ग्राम सरपंच, जो पार्टी की अपनी नशा विरोधी समिति का सदस्य है, 90 करोड़ रुपये की 18 किलोग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा गया है। उन्होंने सवाल किया, " यह सरकार नशे की समस्या को खत्म करने का दावा कैसे कर सकती है, जब इसके अपने नेता ही तस्करी में शामिल हैं? " उन्होंने पार्टी के अंदरूनी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
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