प्रयागराज , जुलाई 31 -- अयोध्या राम मंदिर में चंदा एवं चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर सांसद साधु यादव द्वारा भगवा वस्त्र धारण कर संसद परिसर में धरना देने पर संत समाज की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के संरक्षक स्वामी महेशाश्रम महाराज और श्रृंगवेरपुर पीठाधीश्वर स्वामी शांडिल्य महाराज ने इसे भगवा और सनातन परंपरा का अपमान बताते हुए इसकी निंदा की है।
स्वामी महेशाश्रम महाराज ने कहा कि सांसद साधु यादव का यह कृत्य संत समाज को बदनाम करने की साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी के मामले में कोई भी साधु-संत शामिल नहीं है, इसके बावजूद भगवा वेशभूषा का इस्तेमाल कर पूरे संत समाज की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संत समाज ऐसे किसी भी प्रयास को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी सनातन परंपरा के अपमान का आरोप लगाते हुए कहा कि जो लोग ऐसे कृत्यों का समर्थन कर रहे हैं, उन्हें आत्ममंथन करना चाहिए।
स्वामी महेशाश्रम महाराज ने कहा कि गौहत्या बंद कराने की मांग को लेकर संसद भवन पर प्रदर्शन करने वाले साधु-संतों पर पूर्व में भी कार्रवाई हुई थी, लेकिन संत समाज अपने धार्मिक मूल्यों से पीछे नहीं हटा। उन्होंने सांसद साधु यादव के खिलाफ तीखी टिप्पणी करते हुए उनके आचरण की आलोचना की और कहा कि यह व्यवहार संत परंपरा के अनुरूप नहीं है।
वहीं, श्रृंगवेरपुर पीठाधीश्वर स्वामी शांडिल्य महाराज ने आरोप लगाया कि भगवा वस्त्र पहनकर संसद परिसर में धरना देकर भगवान राम और संत समाज का अपमान किया गया है। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भी राम एवं सनातन परंपरा के प्रति नकारात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि संत समाज अब सनातन और भगवा के अपमान को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।
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