अंबिकापुर , अगस्त 10 -- छत्तीसगढ़ के सरगुजा में स्थित संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय में कथित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। संगठन ने आरोपों पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।

एबीवीपी का कहना है कि विश्वविद्यालय में कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। संगठन के प्रतिनिधि अब इस मामले को लेकर राज्यपाल और उच्च शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर जांच और कार्रवाई की मांग करेंगे।

एबीवीपी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने विश्वविद्यालय में लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच नहीं कराई और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। संगठन ने जरूरत पड़ने पर विधानसभा का घेराव करने की भी चेतावनी दी है।

संगठन ने संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। एबीवीपी का आरोप है कि कुलपति की नियुक्ति में नियमों का पालन नहीं किया गया। इसके अलावा कुलपति के बंगले और कार्यालय के नवीनीकरण के नाम पर एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

एबीवीपी नेताओं का कहना है कि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की मूलभूत सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं, जबकि दूसरी ओर अधिकारियों के बंगले और कार्यालय के नवीनीकरण पर बड़ी राशि खर्च किए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं। संगठन ने इन सभी मामलों की जांच कराने की मांग की है।

विश्वविद्यालय में कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे पर छात्र संगठन पहले भी आंदोलन कर चुका है। सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई और अन्य मदों में होने वाले कथित खर्च को लेकर भी छात्रों की ओर से सवाल उठाए गए थे।

एबीवीपी के प्रदेश मंत्री अनंत सोनी ने कहा कि विश्वविद्यालय में कथित भ्रष्टाचार के मामलों पर यदि सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन राज्यपाल और उच्च शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर पूरे मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगा।

एबीवीपी ने स्पष्ट किया है कि विश्वविद्यालय में कथित भ्रष्टाचार की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर विधानसभा का घेराव किया जाएगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित