संतकबीरनगर , जून 11 -- उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में संभावित बाढ़ आपदा से निपटने और बचाव कार्यों की तैयारियों को परखने के लिए शासन के निर्देश पर गुरुवार को मगहर स्थित संत कबीर की समाधि के निकट आमी नदी तट पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, बाढ़ नियंत्रण, एसडीआरएफ, पुलिस एवं फायर ब्रिगेड की टीमों ने भाग लेकर आपदा प्रबंधन की तैयारियों का प्रदर्शन किया।
मॉक ड्रिल के दौरान आमी नदी में स्नान कर रहे एक व्यक्ति के डूबने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। डूबते व्यक्ति को देखकर ग्रामीणों ने शोर मचाया, जिसके बाद नाविक अपनी नाव लेकर मौके पर पहुंचा और गोताखोरों की मदद से अचेत अवस्था में व्यक्ति को नदी से बाहर निकाला गया। इसके बाद 108 एंबुलेंस की सहायता से उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के बाद उसकी जान बचा ली गई।
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सदर हृदय नारायण तिवारी ने यहाँ बताया कि किसी भी डूबते व्यक्ति को बचाने से पहले स्वयं की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि डूब रहे व्यक्ति को सीधे हाथ या शरीर का कोई अंग नहीं पकड़ाना चाहिए, बल्कि गमछा, रस्सी या लंबा बांस उसकी ओर बढ़ाकर उसे सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास करना चाहिए। साथ ही उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाकर उपचार कराना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य लोगों को बाढ़ एवं अन्य दैवी आपदाओं के दौरान बचाव और राहत कार्यों के प्रति जागरूक करना है, ताकि आपदा की स्थिति में जनहानि को कम किया जा सके।मॉक ड्रिल में रूपचंद्र ने डूबने वाले व्यक्ति, शाकिर अली एवं देवेंद्र ने गोताखोर तथा अर्जुन निषाद ने नाविक की भूमिका निभाई। वहीं ग्रामीणों की भूमिका में मोहम्मद असअद अंसारी, मेंहदी हसन सहित अन्य लोग शामिल रहे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित