संतकबीरनगर , जुलाई 28 -- उत्तर प्रदेश में संतकबीरनगर पुलिस ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग एक करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति कुर्क कर दी है।

पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने यहाँ बताया कि यह कार्रवाई धारा 107 बीएनएसएस के अंतर्गत की गई है और जनपद में इस प्रावधान के तहत संपत्ति कुर्क करने का यह पहला तथा अब तक का सबसे बड़ा मामला है।

उन्होंने बताया कि विवेचना के दौरान मुख्य अभियुक्त धनंजय शुक्ला निवासी मुंडेरा उपाध्याय, थाना हाटा, जनपद कुशीनगर तथा रजनी प्रजापति निवासी पुलिस लाइन, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) के स्वामित्व वाली लखनऊ के थाना पारा क्षेत्र स्थित जेबी वैली गार्डन की प्लॉट संख्या-61 पर बनी संपत्ति को कुर्क कराया गया। यह संपत्ति लगभग 65 लाख रुपये में खरीदी गई थी, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में संपत्ति को जब्त कर लिया गया है, जबकि अन्य सह-अभियुक्तों की अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों के विरुद्ध भी कार्रवाई जारी है।

एसपी ने बताया कि मामले की शुरुआत 18 अक्टूबर 2025 को हुई थी, जब थाना महुली क्षेत्र के ग्राम हटवा निवासी संतलाल मौर्य ने शिकायत दर्ज कराई कि टीवीएस सॉल्यूशन कंपनी के संचालक धनंजय शुक्ला और उनकी सहयोगी रजनी प्रजापति ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर उनसे 51 लाख रुपये लिए, लेकिन निवेश अवधि पूरी होने के बाद कार्यालय बंद कर फरार हो गए और धनराशि वापस नहीं की। इस शिकायत के आधार पर थाना महुली में मुकदमा संख्या 384/2025 धारा 318(4) एवं 316(2) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत दर्ज किया गया।

विवेचना के दौरान बैंक खातों, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और डिजिटल डाटा के विश्लेषण में सामने आया कि आरोपियों ने विभिन्न जनपदों के लोगों से 15 से 20 करोड़ रुपये तक की धनराशि निवेश के नाम पर जुटाई थी। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि रकम शेयर बाजार में निवेश नहीं की जाती थी, बल्कि पोंजी और पिरामिड मॉडल के तहत नए निवेशकों के पैसे से पुराने निवेशकों को भुगतान कर विश्वास बनाए रखा जाता था और अधिक लाभ का लालच देकर लगातार नए निवेशक जोड़े जाते थे। जांच के दौरान कई अन्य पीड़ित भी सामने आए, जिन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय और थाना महुली में शिकायतें दर्ज कराईं।

सभी शिकायतों और साक्ष्यों को विवेचना में शामिल किया गया। जांच में मुख्य संचालकों धनंजय शुक्ला, रजनी प्रजापति और संजय कुमार के अलावा चार अन्य सहयोगियों की संलिप्तता भी सामने आई। पुलिस के अनुसार ठगी की रकम से मकान, प्लॉट, भूमि तथा अन्य अचल संपत्तियां खरीदी गई थीं। मामले में धनंजय शुक्ला और रजनी प्रजापति को 18 मई तथा विक्रांत प्रकाश सिंह और सत्यप्रकाश यादव को 6 जुलाई को गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा जा चुका है।

पुलिस ने सह-अभियुक्त विक्रांत प्रकाश सिंह की लगभग चार करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति भी चिन्हित कर ली है, जिसकी कुर्की के लिए धारा 107 बीएनएसएस के तहत रिपोर्ट न्यायालय को भेजी जा चुकी है। एसपी ने कहा कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की अवैध संपत्तियों का भी पता लगाया जा रहा है और उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक ललितकांत यादव कर रहे हैं।

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