संतकबीरनगर , सितंबर 26 -- उत्तर प्रदेश में संतकबीरनगर जिले के थाना खलीलाबाद कोतवाली के मालखाने से 427 ग्राम गला हुआ सोना, 49,518 रुपये नकद और 14 नेपाली नोट गायब होने के मामले में आरोपित हेड मुहर्रिर राधेश्याम गुप्ता शुक्रवार को विवेचक के सामने पेश हुए। इलाहाबाद हाईकोर्ट से 5 अक्टूबर तक अंतरिम अग्रिम जमानत मिलने के बाद उन्होंने कोतवाली पहुंचकर प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश दूबे के समक्ष अपना लिखित बयान दर्ज कराया।

सीओ सदर प्रियम राजशेखर पाण्डेय ने यहाँ बताया कि आरोपी हेड मोहर्रिर राधेश्याम गुप्ता ने अपने बयान में कहा कि संबंधित बरामद माल उन्हें उनके पहले तैनात हेड मुहर्रिर से चार्ज में मिला ही नहीं था। प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश दूबे ने उनका बयान दर्ज कर लिया है। बताया जाता है कि मामला वर्ष 2018 के एक जालसाजी के मुकदमे से जुड़ा है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 427 ग्राम गला हुआ सोना, 49,518 रुपये और 14 नेपाली नोट बरामद किए थे। बरामद सामान को मालखाना रजिस्टर में दर्ज किया गया था। बाद में मुकदमे में सोना अवमुक्त कराने के लिए न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिए जाने पर पुलिस से संबंधित माल के संबंध में आख्या मांगी गई।

वर्तमान हेड मुहर्रिर गोविंद शरण ने मालखाना रजिस्टर, चार्ज सूची और अन्य अभिलेखों का मिलान किया तो रिकॉर्ड में सामान जमा दर्ज मिला, लेकिन मालखाने में वह मौजूद नहीं था। इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई। बयान में तत्कालीन हेड मुहर्रिर विनोद कुमार मिश्र ने बताया कि उनके बाद तैनात राधेश्याम गुप्ता को बरामद माल विधिवत सुपुर्द किया गया था। वहीं बाद में तैनात हेड मुहर्रिर मारकंडेय सिंह ने बताया कि संबंधित माल उन्हें अपने चार्ज में नहीं मिला था।मामले में आरोप और बयानों के आधार पर पुलिस की जांच जारी है। न्यायालय से मिली अंतरिम अग्रिम जमानत की अवधि 5 अक्टूबर तक है।

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