संतकबीरनगर , मई 15 -- उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में खलीलाबाद शहर के मोतीनगर मोहल्ले स्थित कथित ब्रिटिश मौलाना मदरसे के ध्वस्तीकरण मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्रशासन को बड़ा झटका देते हुए जिलाधिकारी और बस्ती मंडलायुक्त के आदेश को निरस्त कर दिया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि किसी भी जमीन को सरकारी घोषित करने का अधिकार केवल उप जिलाधिकारी (एसडीएम) को है, जबकि इस प्रकरण में जिलाधिकारी और मंडलायुक्त द्वारा जमीन को सरकारी घोषित कर दिया गया था, जो विधिक रूप से अधिकार क्षेत्र से बाहर है।
हाईकोर्ट ने इसी आधार पर संतकबीरनगर जिलाधिकारी और बस्ती मंडलायुक्त के आदेश को रद्द कर दिया। हालांकि मदरसे के ध्वस्तीकरण को लेकर दायर दूसरी याचिका पर अगली सुनवाई अगले सप्ताह प्रस्तावित है। इस मामले में पूर्व में हाईकोर्ट ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर रोक लगा चुका है।
उल्लेखनीय है कि खलीलाबाद के मोतीनगर क्षेत्र में स्थित यह मदरसा मौलाना शमसुल हुदा खान द्वारा लगभग आठ वर्ष पूर्व बनवाया गया था। प्रशासन ने 25 और 26 अप्रैल को कार्रवाई करते हुए मदरसे को ध्वस्त कर दिया था। इसके विरोध में मदरसा प्रबंधन समिति ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
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