संतकबीरनगर , जुलाई 14 -- उत्तर प्रदेश में संतकबीरनगर जिले के थाना कोतवाली खलीलाबाद अंतर्गत खलीलाबाद शहर के मोतीनगर मुहल्ले के निवासी ब्रिटिश नागरिकता ले चुके मौलाना शमसुल हुदा खान के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जांच पूरी कर न्यायालय में एक हजार से अधिक पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है।

चार्जशीट दाखिल होने के साथ ही मौलाना और उनके पुत्र तौसीफ रजा खान की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। मामले में विदेशी फंडिंग के पहलू की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) भी अलग-अलग स्तर पर कर रही हैं।

पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने यहाँ बताया कि मामले की शुरूआत अक्टूबर 2025 में हुई थी। एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) की जांच में आरोप सामने आया कि ब्रिटिश नागरिकता प्राप्त करने के बावजूद मौलाना शमसुल हुदा खान ने यह तथ्य छिपाकर आजमगढ़ के एक मदरसे में नौकरी की और सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन का लाभ भी लिया। जांच में धार्मिक प्रचार-प्रसार के नाम पर जम्मू-कश्मीर सहित कई स्थानों की यात्राओं और विदेशी फंडिंग से मदरसा संचालित किए जाने के भी साक्ष्य मिलने का दावा किया गया।

इसके आधार पर 2 नवंबर 2025 को जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार की तहरीर पर खलीलाबाद कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था। अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने विवेचना के दौरान मौलाना और उनके पुत्र के नाम छह बैंकों की 21 शाखाओं से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। एसआईटी का दावा है कि विदेशी धनराशि से खरीदी गई करीब 100 करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियों की पहचान की गई है। ये संपत्तियां संतकबीरनगर के मोतीनगर, कांटे और देवरियालाल गाँवों में स्थित हैं।

उन्होंने बताया कि एसआईटी के अनुसार, कार्रवाई से बचने के उद्देश्य से मौलाना ने इन संपत्तियों का हस्तांतरण अपने पुत्र तौसीफ रजा खान और बहू नसरीन जहां के नाम कर दिया था। जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि नीदरलैंड, कतर (दोहा), ऑस्ट्रेलिया, लंदन, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ओमान सहित कई देशों से मौलाना के बैंक खातों में विदेशी धनराशि भेजी गई। अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह ने बताया कि विवेचना के दौरान एकत्रित साक्ष्यों से यह तथ्य सामने आया कि विदेशों से प्राप्त धनराशि का उपयोग निजी उपभोग और निजी संपत्तियां बनाने में किया गया। उन्होंने कहा कि जांच में मौलाना के पुत्र तौसीफ रजा खान के खिलाफ भी पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं, जिसके आधार पर उन्हें भी मुकदमे में आरोपित बनाया गया है। एसआईटी ने जांच पूरी कर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी है और अब आगे की कार्रवाई न्यायालय की प्रक्रिया के अनुसार होगी।

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