संतकबीरनगर , अप्रैल 11 -- उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि गोरखपुर के एक युवक ने कथित रूप से फर्जी नाम और पते का उपयोग कर संतकबीरनगर से पासपोर्ट जारी कराया और बाद में बैंकॉक चला गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने बताया कि मामला उस समय प्रकाश में आया जब मऊ जिले के मोहम्मदाबाद गोहना निवासी मुसाफिर शर्मा ने मई 2025 में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, लखनऊ को शिकायत भेजी। शिकायत में कहा गया कि गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र के सिधारी निवासी राकेश यादव पुत्र रामनवमी यादव ने कई पासपोर्ट बनवाए हैं, जिनमें एक संतकबीरनगर से हरिकेश कुमार नाम से जारी किया गया था।
शिकायत के बाद क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने मामले की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर को पत्र भेजा। जांच की जिम्मेदारी अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह को सौंपी गई। जांच में पाया गया कि पासपोर्ट हरिकेश कुमार के नाम से ग्राम कसैला, पोस्ट पखुआपार, थाना कोतवाली खलीलाबाद, जिला संतकबीरनगर के पते पर बना था। हालांकि, गांव में पूछताछ के दौरान इस नाम का कोई व्यक्ति नहीं मिला। स्थानीय वार्ड सभासद ने भी ऐसे किसी व्यक्ति की जानकारी होने से इंकार किया।
इसके बाद शिकायत में दिए गए दूसरे पते ग्राम सिधारी, थाना गोला, जनपद गोरखपुर में जांच की गई। पासपोर्ट पर लगी तस्वीर के आधार पर ग्रामीणों ने उसकी पहचान राकेश यादव के रूप में की। ग्राम प्रधान ने भी इसकी लिखित पुष्टि की। पुलिस के अनुसार जांच में यह भी सामने आया कि आवेदन के साथ संलग्न निर्वाचन कार्ड फर्जी था। हरिकेश कुमार और राकेश यादव एक ही व्यक्ति पाए गए, जिसने कथित रूप से कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट जारी कराया।
चौकी प्रभारी की तहरीर पर आरोपी राकेश यादव के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन विवेचना में इसमें शामिल बिचौलियों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
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