संतकबीरनगर , अगस्त 22 -- उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में घाघरा/सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद जिला प्रशासन ने बाढ़ की आशंका को देखते हुए तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने शनिवार को विधायक धनघटा गणेश चंद चौहान के साथ बाढ़ सुरक्षा एवं बचाव की तैयारियों का जायजा लिया और तटबंध का निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी ने ड्रेनेज खंड-2 के नियंत्रणाधीन घाघरा/सरयू नदी के बाएं तट पर स्थित मदरहा-बेहराडांड़ी तटबंध के किलोमीटर 18.400 पर क्षतिग्रस्त लोक निर्माण विभाग की पुलिया तथा किलोमीटर 19.100 पर गायघाट, ढोलबजा और सीयर कला क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता ड्रेनेज खंड-2 अजय कुमार, उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार धनघटा, सहायक अभियंता अक्षय कुमार तथा संबंधित जूनियर इंजीनियर को तटबंध की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने बारिश के कारण हुए रेनकट्स को तत्काल भरने के भी निर्देश दिए।
सीयर कला में नदी के बहाव से सड़क के किनारे विद्युत पोल के पास कटान की स्थिति को देखते हुए पोल गिरने की आशंका पर जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता को आवश्यक कार्रवाई कर विद्युत व्यवस्था बहाल करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को बाढ़ प्रभावित गांवों में चिकित्सा शिविर लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश दिए। साथ ही संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए आवश्यक छिड़काव और पशुओं का टीकाकरण कराने को कहा।
निरीक्षण के दौरान ग्राम ढोलबजा के पास आवागमन के लिए दो नावें उपलब्ध मिलीं। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की सुविधा को देखते हुए यहां चार नावें लगाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि तटबंधों की सतत निगरानी की जाए और संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षात्मक एवं राहत-बचाव उपाय पहले से सुनिश्चित किए जायें।
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