संतकबीरनगर , सितंबर 15 -- उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में पदीय दायित्वों एवं कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही, उदासीनता और स्वेच्छाचारिता बरतने पर पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने थाना बखिरा के तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबित पुलिसकर्मियों में थानाध्यक्ष उमाशंकर तिवारी, उपनिरीक्षक सुरेश यादव और मुख्य आरक्षी कोमल प्रसाद शामिल हैं।

एसपी संदीप कुमार मीना ने यहां बताया कि थानाध्यक्ष उमाशंकर तिवारी पर महिला संबंधी अपराधों में तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ त्वरित विधिक कार्रवाई नहीं करने तथा उच्चाधिकारियों द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों एवं निर्देशों के अनुपालन में अपेक्षित रुचि नहीं लेने का आरोप है। इसके अलावा हिस्ट्रीशीटर सत्यापन, 60 एवं 90 दिवस की विवेचनाओं के निस्तारण, अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई, गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश, यक्ष ऐप पर आपराधिक सत्यापन, साइबर अपराध की रोकथाम के लिए जागरूकता कार्यक्रम तथा मिशन शक्ति केंद्र के तहत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में अपेक्षित रुचि नहीं लेना भी निलंबन का कारण है।

वहीं उप निरीक्षक सुरेश यादव और मुख्य आरक्षी कोमल प्रसाद पर जनसुनवाई, महिला संबंधी अपराध, निरोधात्मक कार्रवाई, बीट प्रणाली तथा उच्चाधिकारियों के अभियानों में रुचि नहीं लेने के साथ जनता से अमर्यादित व्यवहार करने का आरोप है। साथ ही अपने क्षेत्र में होने वाली छोटी-बड़ी घटनाओं, विवादों अथवा कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली सूचनाओं से समय से उच्चाधिकारियों एवं संबंधित थाने को अवगत नहीं कराने की बात भी सामने आई है। तीनों पुलिसकर्मियों को उत्तर प्रदेश अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारियों की (दंड एवं अपील) नियमावली, 1991 के नियम 17(1)(क) के तहत निलंबित किया गया है।

निलंबन अवधि में तीनों पुलिसकर्मी पुलिस लाइन संतकबीरनगर से संबद्ध रहेंगे और सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। एसपी मीना श्री ने स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपराधियों की निगरानी, बीट व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने और संवेदनशील घटनाओं की रोकथाम के लिए पूरी जिम्मेदारी एवं सतर्कता से कार्य करने के निर्देश दिए। कर्तव्य में लापरवाही मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

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