मुंबई , अगस्त 10 -- ारतीय सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाने वाले फिल्मकार संजय लीला भंसाली के निर्देशन के सफर को तीन दशक पूरे हो गए हैं। फिल्म 'खामोशी: द म्यूजिकल' से बतौर निर्देशक अपनी यात्रा शुरू करने वाले भंसाली ने अपनी विशिष्ट कहानी कहने की शैली, भव्य दृश्यात्मकता, संगीत और मानवीय भावनाओं की गहराई के जरिए भारतीय सिनेमा को एक अलग पहचान दी।
भंसाली प्रोडक्शंस की ओर से सोशल मीडिया पर साझा की गई एक पोस्ट के जरिए उनके तीन दशक लंबे सिनेमाई सफर को याद किया गया है। पोस्ट में कहा गया है कि ये तीन दशक ऐसी कहानियों के रहे हैं, जिन्होंने दर्शकों को महसूस कराया, ऐसी दुनियाओं के रहे हैं जिन्होंने उन्हें हैरान किया, ऐसे संगीत के रहे हैं जो उनके साथ बना रहा और ऐसे पलों के रहे हैं जो उनकी अपनी यादों का हिस्सा बन गए।
भंसाली की फिल्मोग्राफी पर नजर डालें तो 'हम दिल दे चुके सनम', 'देवदास', 'ब्लैक', 'सांवरिया', 'गुज़ारिश', 'गोलियों की रासलीला राम-लीला', 'बाजीराव मस्तानी', 'पद्मावत' और 'गंगूबाई काठियावाड़ी' जैसी फिल्मों ने उनके सिनेमाई सफर को अलग-अलग आयाम दिए हैं। उनकी फिल्मों में भव्य सेट, शानदार संगीत और दृश्यात्मकता के साथ-साथ रिश्तों, प्रेम, संघर्ष और मानवीय भावनाओं को विशेष महत्व दिया गया है।
तीन दशकों के इस सफर में भंसाली ने सिनेमा को महज कहानी कहने के माध्यम के बजाय एक व्यापक अनुभव के रूप में पेश किया है। उनके सिनेमा में हर फ्रेम को बारीकी से तैयार किया जाता है और संगीत कहानी का अभिन्न हिस्सा बनकर उभरता है। यही वजह है कि उनकी कई फिल्मों के दृश्य और गीत रिलीज के लंबे समय बाद भी दर्शकों की स्मृतियों में बने हुए हैं।
भंसाली की यह यात्रा ऐसे फिल्मकार की कहानी भी है, जिसने अपनी विशिष्ट रचनात्मक दृष्टि के साथ लगातार प्रयोग किए और भारतीय सिनेमा में अपनी अलग पहचान कायम की। उनकी फिल्मों ने दर्शकों के साथ-साथ नई पीढ़ी के फिल्मकारों को भी प्रभावित किया है।
अब दर्शकों को भंसाली की अगली फिल्म 'लव एंड वॉर' का इंतजार है। रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और विक्की कौशल अभिनीत यह फिल्म भंसाली के अगले बड़े सिनेमाई प्रोजेक्ट के रूप में चर्चा में है।
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