मुंबई , फरवरी 22 -- शिवसेना (ठाकरे गुट) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने राज्य विधानसभा में विपक्ष का नेता नहीं बनाने को 'लोकतंत्र पर धब्बा' बताया है।
श्री राउत ने कहा कि राजनीतिक पार्टियां सत्ता में आती हैं, विधानसभा का गठन होता है। वे लोकतंत्र और संविधान से मिले अधिकारों के तहत मंत्री और मुख्यमंत्री जैसे पद संभालती हैं। लेकिन लोकतांत्रिक ढ़ांचे के तहत 'विपक्ष का नेता' नहीं बनाना और उसकी नियुक्ति को रोकना लोकतंत्र की भावना को कमजोर करना है।
उन्होंने बताया कि राज्य विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है और सदन में विपक्ष का कोई नेता नहीं है। उन्होंने कहा, "यह स्थिति न केवल राज्य सरकार के लिए बल्कि केंद्र सरकार के लिए भी शर्मनाक है।"श्री राउत ने आरोप लगाया कि जब से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने हैं, विपक्ष के नेताओं की नियुक्ति को रोकने के लिए जहां भी मुमकिन हो कोशिशें की गई हैं, जिसमें कानूनों में बदलाव करने की कोशिशें भी शामिल हैं। उन्होंने इस स्थिति को महाराष्ट्र जैसे प्रगतिशील राज्य के लिए खास तौर पर शर्मनाक बताया।
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