मुंबई , सितंबर 03 -- शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने दावा किया है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) देश की राजनीति में एक बड़े बदलाव का पुरजोर समर्थन कर रहा है, जिसके तहत महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस को राष्ट्रीय राजधानी बुलाकर उन्हें उप-प्रधानमंत्री का पद सौंपने की कोशिश की जा रही है।

श्री राउत ने मीडिया कर्मियों से बात करते हुए दावा किया कि 'भगवा परिवार' दिल्ली के बाहर के किसी प्रमुख नेता को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राजनीतिक उत्तराधिकारी के तौर पर स्थापित करने की तैयारी कर रहा है और इस अहम् पद के लिए श्री फडणवीस सबसे आगे चल रहे हैं।

श्री राउत के मुताबिक आरएसएस और पार्टी से जुड़ी अन्य अहम् शख्सियतें श्री फडणवीस को दिल्ली लाने की योजना बना रहे हैं।

खबरों के अनुसार, इस योजना में श्री मोदी के अंतिम उत्तराधिकारी को तैयार करना और उन्हें उप-प्रधानमंत्री का पद सौंपना शामिल है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा हमला करते हुए श्री राउत ने दावा किया कि इतिहास गवाहहै कि कोई भी पूर्व गृह मंत्री कभी प्रधानमंत्री नहीं बन पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भले ही श्री शाह शीर्ष पद पाने की बड़ी महत्वाकांक्षा रखते हों, लेकिन उन्हें पार्टी के भीतर कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है। खबरों के अनुसार सत्ताधारी पार्टी के कई वरिष्ठ मंत्रियों ने कैबिनेट में संभावित फेरबदल को लेकर नेतृत्व को अल्टीमेटम दिया है।

श्री राउत ने केंद्र की आर्थिक नीतियों पर तीखा हमला किया और तेजी से बढ़ते सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) आंकड़ों की सच्चाई पर सवाल उठाये।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लाखों लोगों को मुफ्त राशन और महिलाओं को सीधे नकद पैसे देने के बावजूद आसमान छूती महंगाई, बेतहाशा बेरोजगारी और आर्थिक तंगी को छिपाया नहीं जा सकता। एमएनएस नेता अमित ठाकरे के खिलाफ सिर्फ़ श्री मोदी की तस्वीर दिखाने पर देशद्रोह जैसा मामला दर्ज किये जाने की निंदा करते हुए श्री राउत ने लोकतांत्रिक जवाबदेही और नागरिक स्वतंत्रता की बिगड़ती स्थिति पर सवाल उठाये।

उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट पर निशाना साधते हुए श्री राउत ने कहा कि मुख्य कानूनी सवाल यह है कि क्या दलबदल विरोधी कानून का खुलेआम उल्लंघन किया गया।

उन्होंने इस बात पर हैरानी जतायी कि जिन नेताओं का राजनीतिक अस्तित्व पूरी तरह से मूल शिवसेना संविधान पर टिका है, वे ही अब इसकी वैधता को चुनौती दे रहे हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित