पटना , जून 21 -- बिहार के कला एवं संस्कृति विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमारविश्व संगीत दिवस की शुभकामनाएं देते हुए रविवार को कहा कि संगीत भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है।

विश्व संगीत दिवस के अवसर पर बिहार कला एवं संस्कृति विभाग तथा भारतीय नृत्य कला मंदिर, पटना के संयुक्त तत्वावधान में हरि उप्पल प्रेक्षागृह, भारतीय नृत्य कला मंदिर में एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने किया।

मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने विश्व संगीत दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संगीत भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। यह भाषा, क्षेत्र और सीमाओं से परे जाकर लोगों को जोड़ने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि कला एवं संस्कृति विभाग राज्य की समृद्ध संगीत परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है।स्वागत भाषण में निदेशक, सांस्कृतिक कार्य श्रीमती रूबी ने विश्व संगीत दिवस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संगीत मानव जीवन को संवेदनशीलता, सकारात्मकता और रचनात्मकता से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि संगीत समाज को जोड़ने और सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

अपने संबोधन में कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने संगीत एवं कला के सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय संगीत परंपरा हमारी सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करती है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत कथक विभाग की छात्राओं द्वारा कथक विभाग के शिक्षक कुमार कृष्ण किशोर के निर्देशन में प्रस्तुत शिव स्तुति से हुई। इसके बाद शांतनु राय एवं मोहम्मद सलीम द्वारा तबला एवं बांसुरी की मनमोहक जुगलबंदी प्रस्तुत की गई।

लोकगीत विभाग द्वारा मनोरंजन ओझा के निर्देशन में भोजपुरी झूमर "मोरी झुलनियां के छइयां." एवं "अमुआ मड़ुआ के झूमि डलरिया." की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद संगीत रचना विभाग के छात्र-छात्राओं ने अशोक कुमार प्रसाद के निर्देशन में शास्त्रीय एवं सुगम संगीत की प्रस्तुति दी। वहीं वाद्य संगीत विभाग के विद्यार्थियों ने शांतनु राय एवं बबलू मिश्रा के निर्देशन में तबला वादन प्रस्तुत किया। गिटार विभाग के विद्यार्थियों ने शिक्षक राकेश कुमार रंजन के निर्देशन में लोकप्रिय फिल्मी धुनों की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं।

कार्यक्रम के अंतिम चरण में शास्त्रीय गायन विभाग के विद्यार्थियों हिताक्ष एवं हर्ष द्वारा राग आधारित ख्याल गायन प्रस्तुत किया गया, जिसमें तबले पर आदित्य विमल एवं हिमांशु कुमार ने संगत की। साथ ही मीरा भजन की भावपूर्ण प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को भावविभोर कर दिया।कार्यक्रम का समग्र निर्देशन डॉ. बम कुमारी मिश्रा द्वारा किया गया।

अंत में कला एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त सचिव महमूद आलम ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता हेतु सभी अतिथियों, कलाकारों, प्रशिक्षकों, विद्यार्थियों एवं उपस्थित दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सोमा चक्रवर्ती द्वारा किया गया। इस अवसर पर भारतीय नृत्य कला मंदिर के शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं, कार्यालय कर्मी, कला प्रेमी एवं बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे।

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