श्रीगंगानगर , अक्टूबर 27 -- राजस्थान में औषधियों के नशे के रूप में दुरुपयोग और अनियमित बिक्री की रोकथाम के लिए जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव द्वारा चलाए जा रहे मनस्वी अभियान के तहत औषधि नियंत्रण विभाग ने संगरिया स्थित एक मेंडिकल स्टोर का निरीक्षण किया गया।

कार्रवाई के दौरान क्रय-विक्रय अभिलेख और आपूर्तिकर्ता का विवरण प्रस्तुत नहीं किए जाने सहित विभिन्न अनियमितताएं सामने आईं। विभाग ने तीन औषधियों के नमूने लेकर शेष पांच हजार 245 कैप्सूल और टैबलेट सीलबंद करके जब्त किए। औषधि नियंत्रण अधिकारी पंकज जोशी ने सोमवार को नई धान मंडी स्थित अग्रसेन मार्केट के वार्ड संख्या 13 में में संचालित मोनू मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया। इस दौरान स्टोर पर प्रीगाबालिन 300 मिलीग्राम के 3000 कैप्सूल, ओलान्जापिन 5 मिलीग्राम की 2745 टैबलेट और टेपेन्टाडोल 100 मिलीग्राम की 300 टैबलेट मिलीं। इनकी कुल संख्या 6045 थी। निरीक्षण के दौरान उपस्थित पंजीकृत फार्मासिस्ट से उक्त औषधियों के क्रय-विक्रय संबंधी अभिलेख और आपूर्तिकर्ता का विवरण मांगा गया, लेकिन ये प्रस्तुत नहीं किए गए।

विभाग के अनुसार, स्टोर के औषधि अनुज्ञापत्र में टेपेन्टाडोल और उसके सभी फॉर्मुलेशन्स की अनुमति नहीं होने का उल्लेख मिला। इसके अलावा क्रय बिलों के क्रमबद्ध संधारण और शेड्यूल एच-1 औषधियों की बिक्री से संबंधित रजिस्टर में भी अनियमितताएं दर्ज की गईं। गुणवत्ता जांच के लिए विभिन्न कैप्सूल और गोलियों के नमूने लिए गए। इसके बाद शेष 2700 प्रीगाबालिन कैप्सूल, 2445 ओलान्जापिन टैबलेट और 100 टेपेन्टाडोल टैबलेट, कुल 5245 इकाइयों को सीलबंद करके जब्त किया गया।

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