श्रीनगर , अगस्त 23 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को श्रीनगर में अपने आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के लिए दो दिन की समीक्षा प्रक्रिया शुरू की। पार्टी का मुख्य ध्यान ज़मीनी स्तर पर लोगों तक पहुँचने पर है।
समीक्षा के लिए राज्य के पदाधिकारियों और संगठन की बैठकों में पार्टी नेटवर्क को मज़बूत करने, ज़मीनी स्तर पर अपनी मौजूदगी बढ़ाने और भाजपा द्वारा प्रदेश सरकार की मुख्य जन-समस्याओं को हल करने में विफलता बताए जाने वाले मुद्दों को उजागर करने पर चर्चा होने की उम्मीद है।
बैठक की अध्यक्षता जम्मू-कश्मीर भाजपा के अध्यक्ष एवं सांसद सत शर्मा ने की। बैठक को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा, महासचिव (संगठन) अशोक कौल, सांसद जुगल किशोर शर्मा, सांसद गुलाम अली खटाना और पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह ने भी संबोधित किया।
बैठक का संचालन पार्टी के प्रदेश महासचिव अनवर खान ने किया। श्री शर्मा ने बैठक को संबोधित करते हुए वैचारिक प्रतिबद्धता बनाए रखने और बूथ स्तर पर संगठन की मज़बूत मौजूदगी की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने जनता के साथ बेहतर तालमेल और लगातार जुड़ाव बनाए रखने के लिए संगठन के हर स्तर पर बूथ और शक्ति केंद्र से लेकर मंडल, ज़िला और राज्य स्तर तक नियमित बैठकें करने को कहा।
श्री शर्मा ने प्रदेश में लोगों के साथ सीधा संपर्क मज़बूत करने के लिए वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों से ज़्यादा प्रवास (दौरे) करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सिर्फ़ एक राजनीतिक संगठन नहीं है, बल्कि राष्ट्रवादी विचारधारा पर आधारित और जनसेवा के लिए समर्पित एक आंदोलन है।
वहीं, श्री सिंह ने जम्मू-कश्मीर में भाजपा की संगठनात्मक मज़बूती की तारीफ़ की और पार्टी नेताओं तथा कार्यकर्ताओं से उभरती राजनीतिक और संगठनात्मक चुनौतियों के लिए तैयार रहने को कहा। उन्होंने केंद्र सरकार के विकास कार्यों और उपलब्धियों को लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने के महत्व पर भी ज़ोर दिया।
श्री शर्मा ने जम्मू-कश्मीर में भाजपा कार्यकर्ताओं के त्याग और समर्पण को याद करते हुए कहा कि ज़मीनी स्तर पर पार्टी की बढ़ती ताक़त सालों से कार्यकर्ताओं की प्रतिबद्धता और कड़ी मेहनत का नतीजा है।
श्री कौल ने डिजिटल लर्निंग कार्यक्रम, मन की बात और शक्ति केंद्र, बूथ, मंडल और जिला स्तर पर मासिक बैठकों सहित चल रही संगठनात्मक गतिविधियों और कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच लगातार संगठनात्मक गतिविधि और अधिक समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।
श्री शर्मा ने राजनीतिक प्रस्ताव को पार्टी की भविष्य की कार्रवाई के लिए एक रोडमैप बताया और कैडर से इसके कार्यान्वयन के लिए समर्पण के साथ काम करने का आग्रह किया।
डॉ. सिंह ने कहा कि पार्टी संगठन और जनता के बीच मजबूत संबंध बनाए रखने में प्रदेश पदाधिकारियों की अहम भूमिका है। उन्होंने जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं और जनता के साथ अधिक से अधिक संवाद का आह्वान किया।
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