वाराणसी , अप्रैल 29 -- धार्मिक नगरी काशी में एक मई को पीठाधीश्वर बाबा श्री सिद्धार्थ गौतम राम के अवतरण दिवस के अवसर पर बाबा कीनाराम स्थल 'क्रीं-कुंड' परिसर में सामूहिक विवाह की शहनाइयां गूंजेंगी।

बुधवार को अघोराचार्य बाबा कीनाराम अघोर शोध एवं सेवा संस्थान के प्रमुख व्यवस्थापक अरुण सिंह ने बताया कि संस्था चिकित्सा, स्वास्थ्य व सामाजिक क्षेत्र में लंबे समय से सेवारत है। इसी क्रम में बाबा के अवतरण दिवस पर 51 जरूरतमंद युवक-युवतियों के सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया है। यह वैवाहिक कार्यक्रम पूर्ण रूप से पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न होगा।

कार्यक्रम की संयोजिका रूबी सिंह ने बताया कि पूरा आयोजन बाबा कीनाराम और पीठाधीश्वर बाबा श्री सिद्धार्थ गौतम राम जी के आशीर्वाद से संपन्न होगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक परिसर में ही भव्य 'हल्दी' की रस्म पूरी की जाएगी।

रूबी सिंह ने समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करते हुए कहा कि अक्सर यह समझा जाता है कि अघोर परंपरा में सामाजिक कार्य नहीं होते, जबकि वास्तविकता इसके विपरीत है। अघोर परंपरा में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक उत्थान के अनेक कार्य किए जा रहे हैं और सामूहिक विवाह का यह आयोजन उसी की एक कड़ी है। उन्होंने बताया कि बाबा कीनाराम स्थल से जुड़ी करीब सौ शाखाएं हैं, जिनसे जुड़े परिजनों या अन्य जरूरतमंद लोगों का चयन इस विवाह हेतु किया जाता है। इस चयन प्रक्रिया में लगभग चार से छह महीने का समय लगता है, जिसमें मुख्य रूप से आदिवासी क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।

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