जम्मू , अगस्त 13 -- श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (एसएमवीडीएसबी) और जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन (जेकेआरएलएम) ने महिला नेतृत्व वाले ग्रामीण उद्यमों को मजबूत करने और स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के लिए टिकाऊ आजीविका के अवसर पैदा करने के लिए गुरुवार को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये।

आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, एसएमवीडीएसबी के अध्यक्ष है। उनके निर्देशों के अनुसार श्राइन बोर्ड पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर पूजा सामग्री और प्रसाद वस्तुओं की आपूर्ति में पात्र स्वयं सहायता समूहों की अधिक भागीदारी के लिए श्राइन बोर्ड ने यह पहल की है। इस सहयोग का उद्देश्य कटरा-रियासी क्षेत्र और आसपास के जिलों में तीर्थ अर्थव्यवस्था से उत्पन्न होने वाले बाजार अवसरों का लाभ उठाना है। इससे ग्रामीण महिलाओं के लिए अपने उद्यमों को मजबूत करने, घरेलू आय बढ़ाने और स्थानीय अर्थव्यवस्था में अधिक सार्थक योगदान देने के रास्ते तैयार होंगे। यह समझौता ज्ञापन पात्र एसएचजी की पहचान, सूचीबद्ध करने और उन्हें जोड़ने के लिए एक संरचित ढांचा उपलब्ध कराता है।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि पात्र एसएचजी को कई तरह की वस्तुओं की आपूर्ति की सुविधा प्रदान की जा सकती है, जिनमें प्रसाद की वस्तुएं जैसे फुल्लियां और मखाना, पटका, हेड बैंड पट्टी, धूप, अगरबत्ती, हवन सामग्री, समिधा और अन्य उत्पाद शामिल हैं।श्राइन बोर्ड की आवश्यकताओं के अनुसार समय-समय पर उत्पादों की श्रृंखला का विस्तार भी किया जा सकता है। इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य उद्यम विकास के माध्यम से महिला सशक्तिकरण करना है।

विज्ञप्ति के अनुसार, जेकेआरएलएम पात्र एसएचजी की पहचान, जांच और सिफारिश करेगा तथा उनके डेटाबेस और प्रदर्शन रिकॉर्ड बनायेगा । इसके साथ ही वित्तीय साक्षरता, उद्यम विकास, बहीखाता पद्धति और डिजिटल भुगतान सहायता की सुविधा के अलावा क्षमता-निर्माण एवं कौशल-विकास सहायता प्रदान करेगा। श्राइन बोर्ड खरीद प्रक्रियाओं और नीतियों के अनुसार पात्र एवं सूचीबद्ध एसएचजी के लिए व्यावसायिक अवसरों की सुविधा प्रदान करेगा।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि खाद्य संबंधी गतिविधियों में लगे एसएचजी के लिए लागू खाद्य सुरक्षा और नियामक आवश्यकताओं के अनुपालन पर विशेष जोर दिया गया है।

एसएमवीडीएसबी और जेकेआरएलएम ने मओयू पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी सचिन कुमार वैश्य; अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी आलोक कुमार मौर्य; एसएमवीडीएसबी के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार शर्मा; जेकेआरएलएम की मिशन निदेशक डॉ. शुभ्रा शर्मा और अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किये।

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