फगवाड़ा , अगस्त 06 -- पंजाब शिवसेना के वरिष्ठ अध्यक्ष इंदरजीत करवाल ने जालंधर स्थित ऐतिहासिक श्री देवी तालाब मंदिर में शुक्राना रैली के दौरान कथित रूप से हुई बेअदबी, हंगामे, अभद्र भाषा के प्रयोग और पथराव की घटना की कड़ी निंदा की है।
उन्होंने इसे मंदिर की पवित्रता और करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं पर गंभीर आघात बताया। श्री करवाल ने गुरुवार को कहा कि श्री देवी तालाब मंदिर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख शक्तिपीठ है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता दुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।
उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार का हंगामा, हिंसा, अभद्र व्यवहार या पथराव पूरी तरह अस्वीकार्य है और इससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग की कि घटना में कथित रूप से शामिल सभी लोगों की तत्काल पहचान कर उनके खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाये और शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाये। उनका कहना था कि केवल औपचारिक कार्रवाई से असामाजिक तत्वों का मनोबल बढ़ेगा और भविष्य में धार्मिक स्थलों पर ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है।
श्री करवाल ने कहा कि धार्मिक स्थलों की गरिमा और पवित्रता बनाये रखना सरकार और प्रशासन की संवैधानिक तथा नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि उपद्रव, हिंसा या धार्मिक भावनाएं आहत करने के दोषी पाये जाने वाले किसी भी व्यक्ति के प्रति कोई नरमी न बरती जाये और कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाये। उन्होंने घटना के दौरान कथित रूप से घायल हुए श्रद्धालुओं के मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की भी मांग की। साथ ही भविष्य में धार्मिक आयोजनों और सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने पर जोर दिया, ताकि असामाजिक तत्वों को शांति और सौहार्द बिगाड़ने का अवसर न मिले।
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