चंडीगढ़ , अगस्त 03 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रो. सरचंद सिंह ख्याला नेश्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूपों को समुद्री कार्गो कंटेनर के माध्यम से भेजे जाने संबंधी सामने आयी रिपोर्टों पर चिंता व्यक्त करते हुए इस पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराने की मांग की है।
प्रो. ख्याला ने सोमवार को कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि संपूर्ण सिख पंथ के शाश्वत गुरु हैं। इसलिए उनके पावन स्वरूपों के संरक्षण, परिवहन और स्थापना की प्रत्येक प्रक्रिया गुरमत मर्यादा और सर्वोच्च श्रद्धा के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि परिवहन प्रक्रिया को लेकर गुरमत मर्यादा के पालन पर सवाल उठे हैं, तो इसे सामान्य प्रशासनिक मामला मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह करोड़ों सिखों की धार्मिक भावनाओं और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की सर्वोच्च गरिमा से जुड़ा विषय है।
भाजपा नेता ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) से आग्रह किया कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करायी जाये। उन्होंने कहा कि जांच में यह स्पष्ट होना चाहिए कि क्या निर्धारित धार्मिक मर्यादा का पूरी तरह पालन किया गया, परिवहन की अनुमति किस स्तर पर दी गयी, कहीं कोई चूक या मर्यादा का उल्लंघन हुआ या नहीं तथा यदि हुआ है तो उसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही तय की जाये।
प्रो. ख्याला ने कहा कि जांच का उद्देश्य किसी संस्था या व्यक्ति को कठघरे में खड़ा करना नहीं, बल्कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की मर्यादा की रक्षा करना और गुरमत मर्यादा के प्रति सिख पंथ की प्रतिबद्धता को मजबूत करना होना चाहिए। उनके अनुसार, पारदर्शिता और जवाबदेही से ही संगत का विश्वास कायम रह सकता है। उन्होंने यह भी मांग की कि एसजीपीसी देश और विदेश में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूपों की छपाई, संरक्षण, परिवहन और वितरण के लिए स्पष्ट, विस्तृत और सार्वजनिक मर्यादा प्रोटोकॉल जारी करे, ताकि भविष्य में इस प्रकार के विवाद उत्पन्न न हों।
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