जयपुर , मई 28 -- राजस्थान उच्च न्यायालय ने श्री अग्रवाल समाज समिति जयपुर के चुनाव के संबंध में 31 मई, 2024 को दिए गए यथास्थिति के आदेश को लेकर अधीनस्थ अदालत को अनावश्यक तारीख पेशी नहीं देने का आदेश देते हुए दो वर्ष से लंबित दावे का निस्तारण करने को कहा है।

न्यायमूर्ति बिपिन गुप्ता की पीठ ने गुरुवार को यह आदेश दिये।

इस संबंध में श्री अग्रवाल समाज समिति के अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश अग्रवाल भाड़ेवाला ने राजस्थान उच्च न्यायालय में प्रतिवादी आनंद गुप्ता सहित एक 12 लोगों के विरुद्ध उपरोक्त याचिका दायर की है। एडवोकेट विमल चौधरी ने याचिकाकर्ता की ओर से उच्च न्यायालय को बताया कि 19 मई, 2024 को श्री अग्रवाल समाज समिति के विधिवत चुनाव हो चुके हैं, लेकिन अधीनस्थ अदालत के स्थगन आदेश के कारण किसी भी उम्मीदवार को विजयी घोषित नहीं किया जा सका है।

अधीनस्थ अदालत के कार्यकारिणी का गठन मूलवाद के निस्तारण तक नहीं करने की पाबंदी के कारण चुनाव में विधिवत रूप से निर्वाचित हुए सदस्य न तो पदभार ग्रहण कर पा रहे हैं और न ही नई कार्यकारिणी का गठन हो पा रहा है। जिससे समाज के विकास की सारी गतिविधियां ठप पड़ी हुई है। साथ ही उपरोक्त दावे के चलते दो वर्षों से अधिक समय व्यतीत होने के पश्चात भी दावे की स्थिति यथावत बनी हुई है। जबकि 19 मई, 2024 को श्री अग्रवाल समाज समिति के 60 सदस्यों का चुनाव संपन्न हो चुका है, लेकिन कुछ सदस्यों के चुनावी विवाद के कारण कोई भी वैध कार्यकारिणी अब तक अस्तित्व में नहीं आई है। जिससे अग्रवाल समाज के सभी सदस्य प्रभावित हो रहे हैं।

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