अमृतसर , जून 29 -- पंजाब सरकार के सिख विधायक और मंत्री सोमवार को श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने के बाद नंगे पांव श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष उपस्थित हुए। इस दौरान पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सर्वोच्च सम्मान का केंद्र है और सरकार वहां से प्राप्त सुझावों पर गंभीरता से विचार करेगी।
श्री अकाल तख्त साहिब में हुई बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि उन्हें गुरु रामदास जी का आशीर्वाद प्राप्त करने और सम्मानित जत्थेदार साहिब के साथ सार्थक चर्चा करने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा कि पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों और विधायकों के साथ श्री अकाल तख्त साहिब में लंबी, सकारात्मक और रचनात्मक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब पंजाब के लोगों और पंजाब सरकार की आस्था एवं सम्मान का सर्वोच्च केंद्र है। सरकार, जत्थेदार साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, सिख पंथ और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रति गहरी श्रद्धा रखती है।
श्री संधवां ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा और गरिमा को देखते हुए बैठक में हुई चर्चा का सार्वजनिक रूप से खुलासा करना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि बैठक में जिन विषयों पर चर्चा हुई, उन्हें सरकार के समक्ष विचार के लिए रखा जाएगा, लेकिन संस्था की गरिमा बनाये रखना सर्वोपरि है।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार साहिब ने पंजाब सरकार को प्रस्तावित संशोधनों और सुझावों पर विचार करने के लिए एक माह का समय दिया है। उन्होंने बताया कि श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से प्रस्तावित संशोधन और सुझाव पंजाब विधानसभा के स्पीकर के माध्यम से सरकार को औपचारिक रूप से भेजे जाएंगे। सरकार इन प्रस्तावों का विस्तार से अध्ययन करेगी और सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श के बाद उचित एवं सकारात्मक निर्णय लेगी।
श्री चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार श्री अकाल तख्त साहिब की गरिमा और सिख समुदाय की भावनाओं का पूरा सम्मान करती है तथा प्राप्त सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाएगा।
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