चंडीगढ़ , जून 15 -- पंजाब के गुरदासपुर सीट से कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सोमवार को कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को 'पंथ विरोधी' और 'गुरु-द्रोही' घोषित किया जाना पंजाब के इतिहास की एक महत्वपूर्ण और अभूतपूर्व घटना है।
उन्होंने कहा कि इस फैसले के बाद मुख्यमंत्री को नैतिक आधार पर तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। यहां जारी बयान में रंधावा ने कहा कि यह संभवतः पंजाब के इतिहास का पहला मामला है जब किसी मौजूदा मुख्यमंत्री के खिलाफ पांच सिंह साहिबानों द्वारा धार्मिक फैसला सुनाया गया है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल पंजाब तक सीमित नहीं है, बल्कि देश और विदेश में बसे करोड़ों सिखों की धार्मिक भावनाओं से भी जुड़ा हुआ है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता, उसकी परंपराओं और सिख समुदाय की भावनाओं का सम्मान करते हुए बिना किसी देरी के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए और सिख समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी मुख्यमंत्री के खिलाफ इतना बड़ा धार्मिक निर्णय अत्यंत गंभीर विषय है।
श्री रंधावा ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख पंथ की सर्वोच्च संस्था है और पंजाब के प्रत्येक सिख तथा जनप्रतिनिधि का दायित्व है कि वह उसकी मर्यादा, परंपराओं और निर्णयों का सम्मान करे। उन्होंने कहा कि अकाल तख्त साहिब द्वारा सिख संगत को मुख्यमंत्री से दूरी बनाये रखने की अपील भी अत्यंत गंभीर महत्व रखती है। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान का एक कथित वीडियो वायरल हुआ था। उस समय आम आदमी पार्टी ने दावा किया था कि वीडियो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से तैयार किया गया है। मामले की जांच के लिए अकाल तख्त साहिब ने दो निजी फोरेंसिक प्रयोगशालाओं से परीक्षण करवाया।
श्री रंधावा के अनुसार, सोमवार को अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने संगत के समक्ष फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट रखी, जिसमें कथित तौर पर कहा गया कि वीडियो के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की गयी और यह एआई से निर्मित नहीं है। रिपोर्ट में वीडियो को प्राकृतिक और वास्तविक प्रतीत होने वाला बताया गया है।
श्री रंधावा ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के मद्देनजर मुख्यमंत्री भगवंत मान को नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए अपने पद से हट जाना चाहिए और सिख समुदाय की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित