होशियारपुर , जून 30 -- अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सचिव और जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह ने मंगलवार को पंजाब सरकार पर विधानसभा की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठाये। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य विधानसभा में पर्याप्त चर्चा के बिना विधेयक पारित किये जा रहे हैं, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया कमजोर हो रही है।

श्री सिंह ने होशियारपुर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान हाल ही में श्री अकाल तख्त साहिब में हुई कार्यवाही का उल्लेख करते हुए कहा कि जत्थेदार ने पूरे मामले को अत्यंत संयम और संतुलन के साथ संभाला। उन्होंने दावा किया कि कार्यवाही के दौरान सत्तारूढ़ दल के नेताओं के पास कई सवालों के जवाब नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि महत्वपूर्ण विधेयकों को विधायकों और जनता के अध्ययन के लिए समय रहते सार्वजनिक नहीं किया जाता, बल्कि विधानसभा सत्र वाले दिन ही उनकी प्रतियां उपलब्ध करायी जाती हैं। उनका कहना था कि इससे विधायकों को कानूनों पर गंभीर चर्चा का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाता।

श्री सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां पर आरोप लगाया कि वह पर्याप्त चर्चा के बिना जल्दबाजी में विधेयक पारित करा रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि आम आदमी पार्टी के विधायक केवल दिल्ली से आने वाले निर्देशों का पालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कानून बनाने की यह प्रक्रिया पंजाब के लोकतंत्र के लिए स्वस्थ परंपरा नहीं है।

कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने पंजाब की राजनीति में व्यक्तिगत हमलों की संस्कृति को बढ़ावा दिया है, जिससे राजनीतिक संवाद का स्तर गिरा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी हमला बोलते हुए नीट-यूजी और यूजीसी-नेट परीक्षा से जुड़े पेपर लीक मामलों का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार पेपर लीक की घटनाओं से देश की परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। श्री सिंह ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में विफल रही है। उन्होंने शिक्षा मंत्रालय और कथित पेपर लीक गिरोह की भूमिका की जांच कराने की भी मांग की। उन्होंने बताया कि कांग्रेस नौ अगस्त को नई दिल्ली में नीट पेपर लीक मामले और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर एक बड़ी रैली आयोजित करेगी।

पूर्व शिक्षा मंत्री ने कहा कि परीक्षा विवादों के कारण छात्रों और अभिभावकों पर मानसिक तथा आर्थिक बोझ बढ़ा है। उन्होंने मांग की कि नीट-यूजी और अन्य भर्ती परीक्षाओं के लिए वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी किया जाये, जिसमें परीक्षा और नियुक्तियों की समय-सीमा पहले से तय हो। उन्होंने दावा किया कि देशभर में 22 लाख से अधिक परिवार नीट की तैयारी पर प्रतिवर्ष लगभग 1.32 लाख करोड़ रुपये खर्च करते हैं, जबकि देश का वार्षिक शिक्षा बजट लगभग 1.40 लाख करोड़ रुपये है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाले पेपर लीक से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है और इसके लिए केंद्र सरकार को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

श्री सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार दिल्ली से संचालित हो रही है और राज्य के हितों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों, युवाओं और पंजाब के लोकतांत्रिक संस्थानों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी।

प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष दलजीत सिंह गिलजियां, पूर्व विधायक पवन कुमार अडिया, इंदु बाला, यामिनी गोमर, एडवोकेट रोहित जोशी, अमरप्रीत सिंह लाली, एडवोकेट रणजीत सिंह, नवी रेहल, अमरपाल काका, सरवन सिंह और नरवीर नंदी और अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे।

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