चेन्नई , फरवरी 23 -- श्रीलंकाई नौसेना ने पाक जलडमरूमध्य क्षेत्र के गहरे समुद्र में मछली पकड़ रहे तमिलनाडु के 12 मछुआरों को कल देर रात गिरफ्तार कर लिया । इस घटना के बाद मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को पत्र लिखकर उचित राजनयिक माध्यमों का उपयोग करते हुए उनकी शीघ्र रिहाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

ये मछुआरे दक्षिणी रामनाथपुरम जिले के रामेश्वरम के पंबन से समुद्र में मछली पकड़ने के लिये निकले थे। अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (आईएमबीएल) को पार कर श्रीलंका के जल क्षेत्र में मछली पकड़ने के आरोप में श्रीलंकाई नौसेना ने उन्हें उनकी स्वचालित नाव के साथ गिरफ्तार कर लिया।

मछुआरा संघों का तर्क है कि वे कच्चाथीवू द्वीप और मन्नार की खाड़ी क्षेत्र के बीच मछली पकड़ रहे थे, तभी उन्हें अवैध शिकार के आरोप में गिरफ्तार कर श्रीलंका के तलैमन्नार ले जाया गया। पिछले चार-पांच दिनों में यह दूसरी ऐसी घटना है, और यह सेंट एंटनी चर्च में वार्षिक कच्चाथीवू उत्सव से कुछ दिन पहले हुई है। संघों के अनुसार, ऐसी घटनाओं की वजह से आजीविका के लिए पूरी तरह समुद्र पर निर्भर मछुआरों में भारी आक्रोश है।

ताजा गिरफ्तारी 19 फरवरी को 22 मछुआरों को पकड़े जाने के बाद हुई है। श्रीलंकाई नौसेना के तमिलनाडु के मछुआरों की गिरफ्तारी की घटनाओं में चिंताजनक रूप से बढ़ोत्तरी हुई है। इससे पहले 17 फरवरी को भी 25 मछुआरों को गिरफ्तार किया गया था।

मुख्यमंत्री स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से श्रीलंका के तमिल शरणार्थियों के मुद्दे को मानवीय दृष्टिकोण से हल करने का आग्रह किया था, लेकिन मछुआरों की गिरफ्तारी का सिलसिला बेरोकटोक जारी है। श्री स्टालिन ने बार-बार केंद्र सरकार को पत्र लिखकर राजनयिक माध्यमों से ठोस कदम उठाने और इस जटिल मुद्दे का स्थायी समाधान खोजने के लिए दोनों देशों के मछुआरों के संयुक्त कार्य समूह की बैठक बुलाने की मांग की है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित