श्रीनगर , जून 03 -- जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से सत्तारूढ पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के विधायकों की एक अहम बैठक बुधवार को श्रीनगर में शुरू होने वाली है, जिसको लेकर केंद्र शासित प्रदेश में राजनीतिक अटकलों का दौर शुरू हो गया है।

बैठक का एजेंडा हालांकि सार्वजनिक नहीं किया गया है लेकिन पार्टी नेताओं ने कहा कि चर्चा 'सामूहिक महत्व के मामलों और जन कल्याण से जुड़े मुद्दों' पर होगी। सूत्रों ने बताया कि विधायकों से उम्मीद की जा रही है कि वे जम्मू- कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) का दर्जा मिलने से पैदा हुई शासन संबंधी चुनौतियों, राज्य का दर्जा बहाल होने में हो रही देरी, आरक्षण नीति और अन्य लंबे समय से लंबित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

जम्मू- कश्मीर के महाधिवक्ता की नियुक्ति और मंत्रिपरिषद के संभावित विस्तार पर भी चर्चा में प्रमुखता से बात होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने सरकार का समर्थन करने वाले निर्दलीय विधायकों को भी बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। इस बैठक का महत्व विशेष रूप से श्री अब्दुल्ला की हालिया टिप्पणियों के बाद बढ़ गया है, जिसमें उन्होंने ईद के बाद एक बड़े राजनीतिक बयान देने का संकेत दिया था।

श्री उमर ने एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इन अटकलों को खारिज कर दिया। उन्होंने लिखा, "मुझे आपको निराश करने का अफसोस है लेकिन इसे 'आखिरी समय में' बदला नहीं गया है। मेरा इरादा हमेशा से इस बैठक को किसी दूसरी जगह पर आयोजित करने का था और सभी इंतज़ाम मेरे द्वारा मूल रूप से चुनी गई जगह पर, कई दिन पहले ही कर लिए गए थे।"इस बीच, मुख्यमंत्री, विधायक, मंत्री और सांसद एक काफिले में चश्मा शाही की ओर जाते हुए देखे गए, जहाँ बैठक होनी तय है।

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