श्रीनगर , सितंबर 01 -- जम्मू-कश्मीर कैजुअल डेली वेजर्स फोरम ने मंगलवार को श्रीनगर में दिहाड़ी मजदूरों को पक्का करने की प्रक्रिया में देरी के खिलाफ प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने मांग की कि सरकार पक्का करने की प्रक्रिया में तेज़ी लाये और उनकी लंबे समय से लंबित मांगों को पूरी तरह से हल करने के लिए एक ठोस रोडमैप लागू करे।

चुनाव के समय सरकार की ओर से किये गये वादे को याद करते हुए फोरम के अध्यक्ष सज्जाद अहमद पर्रे ने कहा कि अब सत्तारुढ़ सरकार के लिए दिहाड़ी मजदूरों के मुद्दों ( जिसमें उन्हें पक्का करना और पेंशन बहाल करना शामिल है) पर ध्यान देना ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि दिहाड़ी मजदूरों को पक्का करने के लिए रोडमैप तैयार करने के मकसद से जम्मू कश्मीर विधानसभा में एक समिति बनायी गयी थी, जिसके लिए छह महीने की समय-सीमा तय की गयी थी, लेकिन 18 महीने बीत जाने के बावजूद अभी तक कोई रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गयी है।

श्री पर्रे ने आरोप लगाया कि सरकार ने सत्ता में आने के बाद अपनी प्राथमिकताएं बदल ली हैं। उन्होंने कहा, "न तो हमारे खर्चों का भुगतान किया गया है, न ही हमारी नौकरी की सुरक्षा पक्की की गई है, और न ही कोई स्थायी नीति लाई गई है।" उन्होंने बताया कि चुनाव के समय, सरकार के वादों पर भरोसा करके लगभग चार लाख दिहाड़ी मजदूरों और कैजुअल वर्करों के साथ-साथ बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने सरकार का समर्थन किया था।

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