श्रीनगर , अक्टूबर 15 -- जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में ईदगाह इलाके के मास्टर कारीगर रफीक अहमद सूफी को हाथ से बुने कालीनों की श्रेणी में राष्ट्रीय पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि 2025 में इस श्रेणी के लिए जम्मू-कश्मीर से पुरस्कार पाने वाले श्री सूफी अकेले व्यक्ति हैं। उन्हें यह पुरस्कार एक ऐसे कालीन के लिए मिला है, जिसमें बारीक फूलों के डिज़ाइन, पारंपरिक वास्तुकला के पैटर्न और सुलेख (कैलिग्राफी) के तत्व शामिल हैं। दिसंबर में एक औपचारिक पुरस्कार समारोह आयोजित किया जायेगा, जिसमें अन्य विजेताओं के साथ-साथ श्री सूफी को भी सम्मानित किया जायेगा।

कश्मीर के हाथ से बुने कालीन सदियों पुरानी परंपरा का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनमें बेहतरीन बुनाई तकनीक के साथ-साथ विशिष्ट डिज़ाइन और 'तालीम' (बुनाई के लिए इस्तेमाल होने वाले विशेष निर्देश) का मेल होता है। इसी खासियत के कारण 2016 में इन्हें इनके मूल स्थान के आधार पर 'जीआई टैग' दिया गया था।

कश्मीर के हस्तशिल्प और हथकरघा निदेशालय ने गुरुवार को मास्टर कारीगर रफीक अहमद सूफी को भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने पर हार्दिक बधाई दी।

विभाग के एक प्रवक्ता ने मास्टर कारीगर की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कश्मीर के प्रसिद्ध हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्र का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा, "यह सम्मान उनकी असाधारण कारीगरी और हाथ से बुने कालीनों की पारंपरिक कला में उनके योगदान को मान्यता देता है।" उन्होंने कहा कि इससे घाटी के कालीन उद्योग को और बढ़ावा मिलेगा।

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