श्रीगंगानगर , जुलाई 19 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर के जिला अस्पताल से रविवार को शाम को मादक द्रव्य एवं मनोत्तेजक पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम का एक कैदी भाग निकलने में कामयाब हो गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कैदी के भागने का पता चलने पर जिला पुलिस में हड़कंप मच गया। घटना अपराह्न करीब साढ़े चार बजे की है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जिला अस्पताल के कैदी वार्ड में सिर्फ एक ही कैदी गौरव था, जिसे पूर्वाह्न करीब सवा 11 बजे सेंट्रल जेल से बीमार होने के कारण लाया गया था।

कैदी वार्ड में रिजर्व पुलिस लाइन से हवलदार रमेशचंद्र, सिपाही दुलीचंद और एक अन्य सिपाही की आज ड्यूटी थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक हवलदार रमेशचंद्र अपने किसी रिश्तेदार के आ जाने पर उससे बातचीत करते हुए अस्पताल में ही कहीं चला गया। इसी दौरान दूसरा सिपाही चाय के लिए दूध लेने चला गया। वार्ड में सिर्फ एक सिपाही दुलीचंद ही रह गया था।उसकी भी तबीयत ठीक नहीं थी।

पुलिस ने बताया कि कैदी गौरव को इस वार्ड के एक बैड पर हथकड़ी के साथ बंधा हुआ था। दुबला पतला होने के कारण उसने हथकड़ी से अपना हाथ निकाल लिया। तत्पश्चात उसने वार्ड के बैड पर बीमार होने के कारण लेटे दुलीचंद का वहीं से एक बिजली के तार का टुकड़ा उठाकर गला घोटने की कोशिश की। तार से गला घोटने से सिपाही दुलीचंद बेहोश हो गया। इसके बाद कैदी गौरव दीवार में लगे एग्जास्ट फैन को हटाकर उसकी खिड़की से बाहर निकलने में कामयाब हो गया।

उसके भाग जाने का तब पता चला जब हवलदार रमेशचंद्र और दूसरा सिपाही करीब पौने पांच बजे वापस वार्ड में आए। सिपाही दुलीचंद घायल हालत में था, जिसे तुरंत अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में इलाज के लिए ले जाया गया। पुलिस का कहना है कि वह अभी बोलने की स्थिति में नहीं है। गौरव के भागने की सूचना वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी गई। अधिकारियों ने मौके पर आकर सारे घटनाक्रम की जानकारी ली।

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