श्रीगंगानगर , सितम्बर 14 -- राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनाव के नतीजों के बाद श्रीगंगानगर नगर परिषद के 65 वार्डों में हुए चुनाव में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल पाया है।

यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 30 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। वहीं कांग्रेस 17 सीटें जीतकर पिछड़ गयी है। यहां निर्दलीय 18 सीटें जीतकर भाजपा के बाद दूसरे स्थान पर रहे।

सत्तारूढ़ भाजपा बहुमत के आंकड़े के काफी निकट पहुंच गयी है। मुख्य विपक्षी कांग्रेस ने पिछले चुनाव की तुलना में अपना प्रदर्शन करीब बरकरार रखा है। निर्दलीय उम्मीदवार पिछले चुनाव की अपेक्षा कुछ कम संख्या में विजयी हुए हैं, लेकिन इस बार भी सभापति के चुनाव में उनकी भूमिका निर्णायक रहने वाली है।

महिला कांग्रेस की पूर्व जिला अध्यक्ष और लगातार दो बार पार्षद रह चुकी नमिता सेठी इस बार निर्दलीय के रूप में तीसरी जीत दर्ज करके हैट्रिक बनाने में कामयाब रही हैं। कांग्रेस की एक और पूर्व पार्षद ऋतु धवन भी विजयी हुई हैं। इस बार पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया था। कांग्रेस के एक पदाधिकारी नवाब खान को भी टिकट नहीं मिला, लेकिन वह निर्दलीय के रूप में चुनाव जीत गए। कांग्रेस नेता दिलीप लावा के परिवार से सायरा लावा भी निर्दलीय के रूप में जीती हैं। इसके अलावा दो और पार्षदों के बारे में कांग्रेस का दावा है कि वे उनके ही हैं और उन्हें इसी तरह मना लिया जायेगा।

कांग्रेस के पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रत्याशी रहे पूर्व जिलाध्यक्ष और वर्तमान में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अंकुर मगलानी ने चुनावी नतीजों पर संतोष व्यक्त किया है, वहीं भाजपा के जिला उपाध्यक्ष और नगर परिषद चुनाव के संयोजक रतन गणेशगढ़िया ने चुनावी नतीजों पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले चुनाव की अपेक्षा पार्टी का प्रदर्शन बहुत बेहतर रहा है। बहुमत के लिए 33 का आंकड़ा चाहिए, जो भाजपा आसानी से हासिल कर लेगी क्योंकि निर्दलीयों में कम से कम आठ पार्षदों का उन्हें समर्थन मिलने की पूरी संभावना है।

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