श्रीगंगानगर , अक्टूबर 30 -- राजस्थान में श्री गंगानगर जिले में सरकारी कॉलेजों में फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर सहायक आचार्य के पद पर नियुक्ति हासिल करने का एक और मामला सामने आया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार श्रीकरनपुर राजकीय महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य द्वारा की गई शिकायत के आधार पर छिंद्रपालसिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इससे पहले परसों सूरतगढ़ में भी इसी तरह का मामला दर्ज हुआ था। दोनों मामलों में आरोपियों की राजकीय सेवाएं पहले ही समाप्त कर दी जा चुकी हैं और अब उनके खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई की संभावना बन गई है।
पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि सीमावर्ती शहर श्रीकरनपुर के राजकीय महाविद्यालय में कार्यवाहक प्राचार्य आशीष गोदारा (45) ने छिंद्रपालसिंह के खिलाफ नियम-विरुद्ध दिव्यांग प्रमाण पत्र प्रस्तुत करके नियुक्ति हासिल करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। छिंद्रपालसिंह को आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा, जयपुर द्वारा छह नवंबर 2024 को सहायक आचार्य (पंजाबी) के पद पर नियुक्ति दी गई थी। यह नियुक्ति राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) द्वारा 30 अक्टूबर 2024 को आयोजित चयन प्रक्रिया के तहत हुई थी। उसकी लोकोमोटर दिव्यांगता की जांच करवाई गई। जांच में उसे अयोग्य पाया गया। आरोप है कि उसने दिव्यांग श्रेणी में अनियमित तरीके से नियुक्ति प्राप्त की थी।
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