श्रीगंगानगर , जुलाई 10 -- राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता डाॅ. बृजमोहन सहारण के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने श्रीगंगानगर शहर से करीब 30 किलोमीटर दूर श्रीकरणपुर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत नरसिंहपुरा मांझूवास में प्रस्तावित ठोस कचरा निस्तारण संयंत्र का पुरजोर विरोध किया है।

डाॅ. सहारण ने इस मामले को लेकर ग्रामीणों द्वारा गठित संघर्ष समिति के सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल के साथ जयपुर में जिले के प्रभारी मंत्री एवं कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा से मुलाकात की और संयंत्र के प्रस्तावित स्थल पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई।

प्रतिनिधिमंडल ने श्री गोदारा को बताया कि श्रीगंगानगर शहर से 30 किलोमीटर दूर संयंत्र स्थापित करना पूरी तरह अव्यावहारिक और अनुचित है। इससे नगर परिषद पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ेगा। कचरा परिवहन के लिए अतिरिक्त खर्च, वाहनों की व्यवस्था समस्या शहर के बजट पर भारी पड़ेगी। प्रतिनिधिमंडल ने ध्यान दिलाया कि प्रस्तावित स्थल के आसपास गौशाला, एलएनपी नहर और अन्य संवेदनशील स्थान हैं। संयंत्र से होने वाले प्रदूषण का सीधा असर इन पर पड़ेगा। आसपास के गांवों, ढाणियों और ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

नरसिंहपुरा मांझूवास में संयंत्र के विरोध में बनी ग्रामीणों की संघर्ष समिति के सदस्य भी इस मुलाकात के दौरान मौजूद रहे। उन्होंने स्थानीय स्तर पर हो रहे विरोध और लोगों की चिंताओं से मंत्री को अवगत कराया।

डा.. सहारण ने बताया कि श्री गोदारा ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और स्वीकार किया कि शहर से इतनी दूर संयंत्र लगाना उचित नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस समस्या का समाधान जल्द निकाला जाएगा और इस दिशा में गंभीर प्रयास किए जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि यह मुद्दा तीन महीनों से गरमाया हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि कचरा संयंत्र उनकी उपजाऊ जमीन, पशुधन और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाएगा। उन्होंने संयंत्र को शहर के नजदीक किसी वैकल्पिक स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है, जहां परिवहन आसान हो और पर्यावरणीय प्रभाव न्यूनतम रहे।

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