मथुरा , जुलाई 04 -- श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद से जुड़े मामलों में शनिवार को मथुरा में आयोजित प्री-लोक अदालत की बैठक किसी सहमति के बिना समाप्त हो गई। बैठक के बाद हिंदू पक्ष ने आरोप लगाया कि मुस्लिम पक्ष की अनुपस्थिति के कारण विवाद के समाधान की दिशा में कोई प्रगति नहीं हो सकी।

हिंदू पक्ष के अधिवक्ताओं के अनुसार, इस विवाद से संबंधित छह विशेष अनुमति याचिकाओं (एसएलपी) पर सुप्रीम कोर्ट ने पक्षकारों को आपसी सहमति की संभावना तलाशने के उद्देश्य से प्री-लोक अदालत की प्रक्रिया अपनाने का अवसर दिया था। हिंदू पक्ष का दावा है कि वह बैठक में उपस्थित हुआ और विवाद के समाधान के लिए दो प्रस्ताव रखे। पहला प्रस्ताव यह था कि शाही ईदगाह का ढांचा किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। दूसरा प्रस्ताव यह था कि वर्तमान में ढांचे के कब्जे वाले क्षेत्रफल के बराबर दूसरी भूमि उपलब्ध कराने पर विचार किया जा सकता है।

हिंदू पक्ष के अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि शाही ईदगाह प्रबंधन समिति की ओर से कोई प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित नहीं हुआ, जिससे समझौते की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। उनका कहना है कि इससे ऐसा प्रतीत होता है कि मुस्लिम पक्ष मामले को लंबित रखना चाहता है।

हालांकि, इस संबंध में शाही ईदगाह प्रबंधन समिति की ओर से तत्काल कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हिंदू पक्ष के अधिवक्ताओं ने बताया कि यदि आपसी सहमति का कोई समाधान नहीं निकलता है तो मामले में सुप्रीम कोर्ट में निर्धारित आगामी सुनवाई के दौरान आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।

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