बागपत , जुलाई 30 -- श्रावण मास के प्रथम दिन गुरुवार को उत्तर प्रदेश के बागपत स्थित ऐतिहासिक श्री परशुरामेश्वर पुरा महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। जलाभिषेक और दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। वहीं, जिला प्रशासन ने मेले की व्यवस्थाओं को लेकर पूरी सतर्कता बरती।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल और पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने मंदिर परिसर, मेला क्षेत्र तथा कांवड़ मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि इस बार श्रावणी मेला केवल आस्था और संस्कृति का केंद्र नहीं होगा, बल्कि 'जीरो वेस्ट महोत्सव' के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का भी संदेश देगा।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जलाभिषेक मार्ग, प्रवेश एवं निकास द्वार, घाट, पार्किंग, बैरिकेडिंग, पेयजल, मोबाइल शौचालय, साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था तथा यातायात प्रबंधन का बारीकी से निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि धार्मिक आयोजन आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का भी माध्यम बनने चाहिए। इसी उद्देश्य से मेला परिसर में कचरे के पृथक्करण, स्वच्छता, जनजागरूकता और संसाधनों के पुनः उपयोग पर विशेष बल दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जलाभिषेक के बाद एकत्रित जल का पृथक संग्रह किया जाएगा, जबकि खाद्य सामग्री एवं अन्य जैविक अवशेषों को अलग कर निराश्रित पशु-पक्षियों के उपयोग में लाया जाएगा। यह पहल आस्था और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
अस्मिता लाल ने कहा कि श्रावणी मेला बागपत की आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। सभी विभाग समन्वय, सेवाभाव और संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें तथा मेला अवधि के दौरान प्रत्येक व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जाए। किसी भी शिकायत या समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
प्रशासन का कहना है कि इस वर्ष पुरा महादेव मेला आस्था के साथ तकनीक, सुशासन और पर्यावरण संरक्षण के समन्वित मॉडल के रूप में नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जीरो वेस्ट महोत्सव, क्यूआर-आधारित कांवड़ यात्रा एप, सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था और जनभागीदारी आधारित प्रबंधन के माध्यम से मेले को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और प्रेरक बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान मेला मजिस्ट्रेट दिग्विजय सिंह सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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