भदोही , अगस्त 29 -- भदोही सहित पूर्वांचल के अन्य जिलों में पिछले करीब एक सप्ताह से रुक-रुककर हो रही बारिश ने जहां किसानों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है, वहीं कालीन उद्योग के सामने नई चुनौती उत्पन्न हो गई है।

भदोही में बादलों की गड़गड़ाहट के साथ रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। लंबे अंतराल के बाद हुई लगातार बारिश से लोगों को श्रावणी फुहार का आनंद मिल रहा है, और मौसम भी सुहावना बना हुआ है। बारिश से सबसे अधिक राहत किसानों को मिली है। पर्याप्त वर्षा होने से खेतों में नमी बढ़ गई है और धान की फसल तेजी से लहलहा उठी है। धान की फसल के लिए मौजूदा बारिश को किसान बेहद अनुकूल मान रहे हैं। खेतों में पानी की उपलब्धता बढ़ने से सिंचाई पर होने वाला खर्च भी कम होने की उम्मीद है। अच्छी बारिश से इस बार धान के बेहतर उत्पादन की उम्मीद में किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश को लेकर किसानों में खासा उत्साह है। उनका मानना है कि मौसम का साथ मिला तो धान की पैदावार बेहतर रह सकती है।

हालांकि बारिश की यही सौगात भदोही के कालीन उद्योग के लिए परेशानी का कारण बन गई है। भदोही में टफ्टेड कालीन बनाने वाले उत्पादकों के सामने तैयार माल को सुखाने की समस्या खड़ी हो गई है।

टफ्टेड कालीन तैयार होने के बाद उस पर लेटेक्स की प्रक्रिया की जाती है। इसके बाद कालीन को अच्छी तरह सुखाने के लिए धूप की आवश्यकता होती है। पिछले कई दिनों से लगातार बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश होने के कारण कालीन उत्पादकों को पर्याप्त धूप नहीं मिल पा रही है। इससे लेटेक्स किए गए कालीनों को सुखाने में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक समय लग रहा है।

बारिश के कारण कई उत्पादकों को तैयार कालीनों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ रही है। इसका सीधा असर माल की फिनिशिंग और निर्धारित समय पर डिलीवरी पर पड़ने की आशंका है। विदेशी खरीदारों के लिए निर्धारित समय पर माल तैयार कर भेजना कारोबार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मौसम लगातार खराब रहने पर उत्पादन और डिलीवरी का समय प्रभावित होने की आशंका से निर्यातकों की नजर अब मौसम के अगले दौर पर टिकी है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित