नयी दिल्ली , फरवरी 09 -- सरकार का कहना है कि श्रम संहिता के कार्यान्वयन में श्रमिकों और नियोक्ताओं के बीच परस्पर विश्वास बढ़ रहा है और उनका इन संहिताओं के प्रति दृष्टिकोण सकारात्मक है।
वी.वी. गिरि राष्ट्रीय श्रम संस्थान के सर्वेक्षण में श्रमिकों और नियोक्ताओं की श्रम संहिताओं के इस समर्थन की पुष्टि हुई है। श्रमिकों कहना है कि श्रम संहिता परिवर्तनकारी है और श्रमिक हितों को लेकर दृष्टिकोण व्यापक और सकारात्मक है।
संस्थान के सर्वेक्षण आधारित इस अध्ययन में लगभग 60 प्रतिशत श्रमिकों का मानना है कि समग्र कार्य परिस्थितियों में सुधार होगा, 63 प्रतिशत को कार्य घंटों के बेहतर नियमन की उम्मीद है और 60 प्रतिशत को बेहतर विश्राम अवधि और अवकाश प्रथाओं की उम्मीद है।
सर्वेक्षण में करीब 66 प्रतिशत श्रमिकों का मानना है कि सुरक्षा, परिवहन और निगरानी संबंधी आवश्यकताओं से महिला श्रमिकों की सुरक्षा में सुधार होगा, जबकि 63 प्रतिशत का मानना है कि अनिवार्य सुरक्षा उपकरण और सुरक्षात्मक उपाय कार्यस्थल की स्थितियों को मजबूत करेंगे। लगभग 64 प्रतिशत श्रमिक वेतन पारदर्शिता और समय पर भुगतान के माध्यम से बेहतर आय सुरक्षा की उम्मीद करते हैं, जबकि 54 प्रतिशत बेहतर वेतन भुगतान की समयबद्धता की अपेक्षा करते हैं।
अध्ययन में सामाजिक सुरक्षा के मुद्दे पर, 68 प्रतिशत श्रमिक आसान पहुंच के लिए ई-श्रम और कल्याण बोर्डों का स्वागत करते हैं, और 63 प्रतिशत संविदा, प्रवासी और गिग श्रमिकों के लिए अधिक सुगमता देखते हैं।
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